नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक बार फिर खास मोड़ आया है। रूस ने भारत को अपनी नई आर्थिक नीति के तहत भारी छूट देने का फैसला किया है, जिससे भारत को विशेष डिस्काउंट मिलेगा। इस फैसले ने अमेरिका सहित पश्चिमी देशों की नींद उड़ा दी है।
रूस ने भारत को अपनी ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र की कई प्रमुख वस्तुओं पर खास छूट दी है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और भी मजबूती पाने वाले हैं। इस डिस्काउंट का मकसद भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम रूस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है, खासकर अमेरिका की बढ़ती दबाव के बीच। अमेरिका ने हाल ही में रूस के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन भारत को मिलने वाला यह डिस्काउंट इन प्रतिबंधों के बीच रूस की नई चाल है।
भारत के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उसकी ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कदम भारत की विदेश नीति को भी मजबूती देगा, जहां वह किसी एक देश पर निर्भरता कम करना चाहता है।
अमेरिका ने फिलहाल इस खबर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा ज़ोर-शोर से हो रही है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारत-रूस के बीच बढ़ती नजदीकी से अमेरिका की रणनीतिक चिंता बढ़ सकती है।



