शिया समुदाय ने 100% काले कपड़े पहनकर और काली पट्टियां बांधकर अमेरिका-इजरायल की तानाशाही, नृशंसता और अहंकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुन्नी समुदाय में भी भारी संख्या में लोगों ने काली पट्टियां बांधकर अमेरिका-इजरायल की तानाशाही, अहंकार और नृशंसता का विरोध दर्ज किया। एक बात सभी में समान रही—ईरान की फतह के लिए सबने हृदय से दुआएं कीं।पुराने लखनऊ में सभी ने सादगी से ईद मनाई। बच्चे, बूढ़े और महिलाओं ने विरोध में काले कपड़े पहने और अपना गुस्सा दर्ज कराया। घरों में मीठे पकवान नहीं बने।सबसे खास बात बच्चों की मासूमियत में झलकी—गाजा और ईरान के स्कूलों में अमेरिका-इजरायल द्वारा निर्दयतापूर्वक मारे गए मासूम बच्चों के शोक में उन्होंने ईद की खुशियां ठुकरा दीं। ईदी लेना बच्चों के लिए सबसे प्रिय पल होता है, लेकिन आज इन नन्हे दिलों ने शोक में डूबे उन मासूमों का साथ दिया। बड़ों से गले मिले, सलाम किया, पर खुशी के नाम पर न ईदी मांगी, न नए कपड़े पहने। यह दृश्य हृदय विदीर्ण करने वाला था—बच्चों की आंखों में शोक की गहराई और न्याय की ललक साफ झलक रही थी।



