लखनऊ।पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें होली, ईद, महात्मा ज्योतिबा फुले तथा बाबा साहब डॉ. बी. आर. आंबेडकर जयंती को उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में शहर की अनेक गणमान्य एवं प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दूसरे वक्ता के रूप में भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष पी. सी. कुरील ने कहा कि वर्तमान समय में देश और समाज को सही दिशा देने के लिए भागीदारी आधारित व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के मूल सिद्धांतों को अपनाते हुए पीपुल्स जस्टिस पार्टी आगे बढ़ रही है और इसका सकारात्मक परिणाम वर्ष 2027 में अवश्य देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम में पार्टी के संरक्षक एवं रेड क्रिसेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन जनाब अरशद सिद्दीकी अस्वस्थता के कारण उपस्थित नहीं हो सके, जिसका सभी ने खेद व्यक्त किया।
पार्टी के अध्यक्ष जनाब राशिद जमील खान ने अपने संबोधन में कहा कि होली और ईद जैसे पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साझा आयोजन समाज में सौहार्द, सहिष्णुता और एकजुटता को मजबूत करते हैं, जो एक सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला हैं।
अंत में पार्टी के प्रवक्ता सुहैब उर अरमान अबू इंक़िलाब ने कहा कि होली, ईद, महात्मा फुले और बाबा साहब आंबेडकर जयंती हमें एक साझा मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि जहां महात्मा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित किया, वहीं बाबा साहब आंबेडकर ने अपने ज्ञान और दृष्टिकोण से देश को संविधान प्रदान किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 5 जून 2026 को लखनऊ में क़ायदे सानी इलियास आज़मी की याद में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा देश में शांति, भाईचारे और प्रगति की कामना की गई।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित लोगों में पी. सी. कोरिल, सईद सिद्दीकी, मुमताज़ राएनी, अब्दुल्ला एडवोकेट, मुबीन ग़ाज़ी एडवोकेट, जुनैद एडवोकेट, परवेज़ एडवोकेट, रब्बानी बलिया, शशि सिंह पटेल, राजेश कोरिल (रायबरेली), भोला राम, अज़ीज़ (सीनियर पत्रकार), सखावत खान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



