यूपी/ डेस्क भारतीय सिनेमा में पौराणिक कहानियों को आधुनिक कलेवर में पेश करने का दौर अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। ‘KGF’, ‘कांतारा’ और ‘सालार’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले होम्बले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शन ने अपने महत्वाकांक्षी सात-भागों वाले ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की दूसरी किस्त ‘महावतार परशुराम’ का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया है।
“जहाँ धैर्य खत्म, वहाँ परशुराम का फरसा शुरू!
फिल्म की टैगलाइन ही दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। पोस्टर में भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम की भव्यता और उनके शस्त्र ‘फरसे’ की शक्ति को बखूबी दर्शाया गया है। यह फिल्म उन अहंकारी और भ्रष्ट राजाओं के विनाश की गाथा कहेगी जिन्होंने धर्म का मार्ग छोड़ दिया था।
महावतार नरसिम्हा की सफलता के बाद अगला कदम
‘महावतार नरसिम्हा’ की अपार सफलता के बाद फैंस के बीच इस यूनिवर्स को लेकर जबरदस्त उत्साह था। पहली फिल्म के दौरान सिनेमाघरों का माहौल किसी मंदिर जैसा हो गया था, जहाँ लोग श्रद्धापूर्वक भजन-कीर्तन करते नजर आए थे। अब निर्देशक अश्विन कुमार के नेतृत्व में ‘महावतार परशुराम’ उसी विरासत को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।
निर्माताओं का विजनअपनी जड़ों से जुड़ने की कहानी
फिल्म के निर्माता विजय किरागांदुर ने इस प्रोजेक्ट पर बात करते हुए कहा हमारी कहानियाँ ही हमारी असली ताकत हैं। ‘महावतार परशुराम’ के जरिए हमारा लक्ष्य दर्शकों, खासकर युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत की शक्ति से जोड़ना है। यह कहानी शक्ति, न्याय और अटूट उद्देश्य की है।
फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें
यूनिवर्स 7-भागों वाला महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स।
निर्माण होम्बले फिल्म्स विजय किरागांदुर और कलीम प्रोडक्शन शिल्पा धवन निर्देशन अश्विन कुमार ,संगीत: सैम सीएस थीम यह एक भव्य एनिमेटेड विजुअल स्पेक्टेकल होगा, जो भारतीय पौराणिक कथाओं के प्रभाव को ‘रामायण’ और ‘कल्कि 2898 AD’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की तर्ज पर पेश करेगा।
वाराणसी की गलियों से लेकर रामायण काल तक की कहानियों को समेटे हुए यह यूनिवर्स भारतीय सिनेमा में एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव लाने का दम रखता है। अब देखना यह है कि बड़े पर्दे पर जब परशुराम का फरसा चलेगा, तो दर्शकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है!



