नई दिल्ली। देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बाजार पर निगरानी तेज कर दी है। आम उपभोक्ताओं को राहत देने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय प्याज बफर स्टॉक के लिए खरीद मूल्य में 13 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने के साथ-साथ भविष्य में बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के अंतर्गत राष्ट्रीय प्याज बफर स्टॉक के लिए खरीद मूल्य 1,875 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। संशोधित दर शनिवार से प्रभावी हो गई है। इस फैसले के बाद किसानों को अपनी उपज का अधिक मूल्य मिलेगा, जबकि सरकार पर्याप्त मात्रा में प्याज का भंडारण भी कर सकेगी।
कीमतों पर नियंत्रण के लिए बढ़ाई निगरानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के विभिन्न राज्यों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां कहीं भी कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, वहां आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
सरकारी एजेंसियों को बाजार की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और जमाखोरी या कृत्रिम कमी पैदा करने जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा राज्यों के साथ समन्वय बनाकर प्याज की आपूर्ति सुचारु रखने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
बफर स्टॉक से मिलेगी राहत
सरकार हर वर्ष बफर स्टॉक तैयार करती है, ताकि उत्पादन में कमी या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराया जा सके। इस बार खरीद मूल्य बढ़ाने के साथ-साथ बफर स्टॉक को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त बफर स्टॉक होने से त्योहारों, मानसून या अन्य परिस्थितियों में अचानक बढ़ने वाली कीमतों को नियंत्रित करने में आसानी होगी। आवश्यकता पड़ने पर सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारकर कीमतों को संतुलित रख सकती है।
किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ
खरीद मूल्य में 13 प्रतिशत की वृद्धि का सीधा लाभ प्याज उत्पादक किसानों को मिलेगा। लंबे समय से किसान बेहतर समर्थन मूल्य की मांग कर रहे थे। नई दर लागू होने से उन्हें अपनी उपज का अधिक मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि उचित खरीद मूल्य मिलने से किसान आगामी सीजन में प्याज उत्पादन के लिए अधिक प्रोत्साहित होंगे, जिससे भविष्य में आपूर्ति बेहतर रहने की संभावना है।
उपभोक्ताओं और किसानों के हितों में संतुलन
सरकार का प्रयास किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देना भी है। इसी उद्देश्य से खरीद मूल्य बढ़ाने, बफर स्टॉक मजबूत करने और बाजार पर लगातार निगरानी रखने जैसी रणनीतियों पर काम किया जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से आने वाले महीनों में प्याज की कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और देशभर में इसकी उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।



