नई दिल्ली। सोलर पंप और जल पंपिंग प्रणाली बनाने वाली प्रमुख कंपनी शक्ति पंप्स (इंडिया) लिमिटेड को महाराष्ट्र में एक बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) से पूरे राज्य में 15,000 सोलर पंप लगाने के लिए ‘लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट’ प्राप्त हुआ है।
कंपनी के अनुसार यह परियोजना किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे।
स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सोलर पंप परियोजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक बिजली और डीजल पंपों पर निर्भरता से राहत दिलाना है। सौर ऊर्जा आधारित पंपों के उपयोग से सिंचाई की लागत कम होगी, ऊर्जा की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार लंबे समय से कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में यह परियोजना किसानों के लिए लाभकारी मानी जा रही है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी
शक्ति पंप्स ने नियामकीय प्रावधानों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई सूचना में बताया कि महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से उसे 15,000 सोलर पंपों की आपूर्ति और स्थापना के लिए ‘लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट’ प्राप्त हुआ है। इसके बाद कंपनी परियोजना से जुड़े आवश्यक औपचारिक कार्य पूरे करेगी।
व्यवसाय को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में उसके कारोबार को गति मिलने की संभावना है। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।
देश में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई योजनाओं के विस्तार के साथ इस तरह की परियोजनाएं न केवल कंपनियों के लिए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रही हैं, बल्कि किसानों को आधुनिक और किफायती तकनीक उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
किसानों को होगा सीधा लाभ
परियोजना के पूरा होने के बाद महाराष्ट्र के हजारों किसानों को सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खेती की लागत कम होने, बिजली पर निर्भरता घटने और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार की स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की नीति के तहत यह परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।



