मियागंज विकास खंड क्षेत्र में पंचायत सचिवों ने गैर-विभागीय कार्यों और भत्ते में वृद्धि की मांग को लेकर शुक्रवार को साइकिल से अपने कार्यक्षेत्र का भ्रमण किया। इससे पहले उन्होंने काली पट्टी बांधकर और सत्याग्रह कर विरोध प्रदर्शन किया था।
सचिवों का यह विरोध 3 नवंबर 2025 को जारी शासनादेश के बाद शुरू हुआ, जिसमें ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया था। सचिवों का आरोप है कि बिना कोई संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन उपस्थिति और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
इसी के विरोध में 1 से 4 दिसंबर 2025 तक सभी सचिवों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर काम किया। इसके बाद, न्यून फिक्स्ड ट्रैवलिंग अलाउंस (साइकिल भत्ता) 200 रुपये को बढ़ाने के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु उन्होंने इंजन चालित वाहनों से क्षेत्रीय भ्रमण बंद कर दिया। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे सभी सचिव विकास खंड कार्यालय से साइकिल पर सवार होकर अपने कार्यक्षेत्र ग्राम पंचायतों के लिए रवाना हुए।
पंचायत सचिव सुमित मिश्र, प्रखर बाजपेई, मनीष, धर्मेंद्र, अभिषेक, सचिन थारू, नीरज और आएशा चौधरी ने बताया कि साइकिल भत्ता न बढ़ाए जाने के विरोध में वे निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे और साइकिलों से ही क्षेत्र में पहुंचेंगे।



