उन्नाव जिले के अजगैन थाना क्षेत्र के नरायनपुर स्थित उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालय में गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ एक शर्मनाक घटना घटी। सुबह धूमधाम से ध्वजारोहण के बाद दोपहर होते ही तिरंगे को समय से पहले उतारकर रख दिया गया, जो राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) का स्पष्ट उल्लंघन है।

विद्यालय में सुबह गणतंत्र दिवस समारोह भव्य तरीके से संपन्न हुआ। लेकिन दोपहर करीब 2 बजे तिरंगे को उतार लिया गया, जबकि नियमों के अनुसार इसे सूर्यास्त तक लहराते रहना चाहिए। यह कृत्य न केवल परंपरा का अपमान है, बल्कि धारा 2 ऑफ फ्लैग कोड के तहत कानूनी अपराध भी माना जाता है। स्कूल प्रशासन ने इस मामले पर अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में रोष व्याप्त है। एक अभिभावक ने कहा, “यह देशभक्ति की भावना पर प्रहार है। ऐसे कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” खण्ड शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने पर कहा गया कि मामले की जांच की जाएगी। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार, सरकारी भवनों और स्कूलों में तिरंगा सूर्योदय से सूर्यास्त तक लहराना अनिवार्य है। इस उल्लंघन पर भारतीय ध्वज संहिता अधिनियम 2002 के तहत दंड का प्रावधान है।



