नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में देश की बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी एवं पेट्रो-रसायन परियोजना का लोकार्पण किया। करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परियोजना केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और उससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़े प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस चुनौती का सामना दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी कूटनीति के माध्यम से किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़ने दिया। इसके पीछे सरकार की विविधीकृत ऊर्जा नीति, विभिन्न देशों के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध और समय पर लिए गए रणनीतिक निर्णय महत्वपूर्ण रहे।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। देश में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नई रिफाइनरी भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगी और भविष्य में बढ़ती ईंधन मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही पेट्रो-रसायन उद्योग को भी नई गति मिलेगी, जिससे विनिर्माण क्षेत्र को लाभ होगा।
राजस्थान के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाड़मेर में स्थापित यह परियोजना राजस्थान के औद्योगिक विकास की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। रिफाइनरी के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, छोटे उद्योगों और स्थानीय व्यापार को भी व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगातार निवेश कर रही है, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।
पेट्रो-रसायन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइनरी सह पेट्रो-रसायन परियोजना से देश में पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ घरेलू उद्योगों को भी कच्चा माल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और निर्यात क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान
करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ देश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को भी नई दिशा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत आज वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाड़मेर की यह नई रिफाइनरी उसी संकल्प का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।



