इमाम खुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट (IKMT) की स्थापना 1989 में कारगिल में युवा स्वयंसेवकों के एक समूह द्वारा की गई थी, मुख्य रूप से 1979 की ईरानी इस्लामिक क्रांति और अयातुल्ला खुमैनी के विचारों से प्रेरित होकर। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य इमाम खुमैनी के सिद्धांतों को जीवित रखना है, जिसमें मुस्लिम उम्माह की एकता, उत्पीड़ितों की मदद, सामाजिक न्याय और धार्मिक-सामाजिक सुधार शामिल हैं।
ट्रस्ट कारगिल (लद्दाख) में एक प्रमुख सामाजिक-धार्मिक संगठन है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, युवा विकास और अंतर-धार्मिक सद्भाव जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। 17 दिसंबर 2025 को तेहरान में आयोजित *इंटरनेशनल इमाम खुमैनी अवार्ड* (पहला संस्करण) में IKMT को संस्थागत श्रेणी में सम्मानित किया गया, मुख्य रूप से निम्नलिखित योगदानों के लिए
-सामुदायिक सेवाएं (Community Services): दूर-दराज के इलाकों में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद, चैरिटी कार्य।
– शिक्षा (Education): धार्मिक और शिक्षा को बढ़ावा, जैसे जमिया-ए-इमाम खुमैनी (बॉयज कॉलेज) और जमिया-ए-जहरा (गर्ल्स कॉलेज), जो अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं।
– स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare): बाकिरिया हेल्थ केयर एंड रिसर्च सेंटर के माध्यम से मुफ्त मेडिकल कैंप, दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीम भेजना, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम।
– अंतर-धार्मिक सद्भाव (Interfaith Harmony) विभिन्न समुदायों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा।
– महिला और युवा कल्याण जनाबिया वुमन वेलफेयर सोसाइटी (महिलाओं की शाखा), बसिज-ए-इमाम (युवा वॉलंटियर्स)।
– इमाम खुमैनी के विचारों का प्रचार और इस्लामिक क्रांति के आदर्शों से प्रेरित सामाजिक परिवर्तन।
ये कार्य ट्रस्ट को इमाम खुमैनी के “नई इस्लामिक सभ्यता” और उत्पीड़ितों की सेवा के विचारों से जोड़ते हैं, जिसके कारण यह अवार्ड मिला। अवार्ड ट्रस्ट की ओर से **हाजी अशगर अली करबलाई (संस्थापक सदस्य और प्रमुख नेता) ने ईरान के राष्ट्रपति से ग्रहण किया।



