हसनगंज उन्नाव!! जिले के हसनगंज कस्बे में गुरुवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में हजारों सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और यूजीसी के नए नियम के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन क़स्बा स्थित संतोषी माता मंदिर प्रांगण से प्रारम्भ हुआ कस्बे से होते हुए उपजिलाधिकारी हसनगंज कार्यालय में समापन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह नियम सवर्ण समाज पर दोहरे मापदंड थोपता है, जिसमें “नो अपील, नो वकील, सीधे जुर्माना और सजा” जैसे प्रावधान हैं, जो प्राकृतिक न्याय के खिलाफ हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भानू सिंह समेत वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी, जो उच्च शिक्षा के मानकों को नियंत्रित करने वाली संवैधानिक संस्था है, का यह कानून अन्यायपूर्ण है। उन्होंने संसद व विधानसभाओं में सवर्ण समाज के 130 से अधिक सांसद-विधायकों से इस पर बोलने की अपील की, साथ ही कहा कि कई बार संसदीय समितियों में उनकी कमी के कारण ऐसी गलतियां हो जाती हैं। अब आंदोलन को उनका समर्थन मिलेगा। प्रदर्शन में हाल ही बिछिया के जालपा देवी मंदिर में मैनपुरी के मंत्री प्रेम सिंह शाक्य के बयान का भी जिक्र हुआ, जिन्होंने इसे “अराजक तत्वों” का काम बताया। वक्ताओं ने इसे “काला कानून” करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे जातिगत विद्वेष फैलेगा, जो समाज व देश के लिए घातक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं, बल्कि पिछड़ा वर्ग समेत सभी का समर्थन है। मुख्य मांग है कि झूठे आरोपों पर कड़ा दंड हो, ताकि निर्दोषों को न्याय मिले।प्रदर्शन के अंत में “भारत माता की जय” के नारे लगाए गए और सरकार से पुनर्विचार की मांग की गई। भारी भीड़ ने प्रशासन का ध्यान मुद्दे की गंभीरता की ओर खींचा। इस दौरान भूपेंद्र प्रताप सिंह प्रदेश अध्यक्ष, शशिकांत सिंह, राजीव सिंह एडवोकेट, सुनील सिंह एडवोकेट, राकेश सिंह, राणा शिवम सिंह,आदर्श तिवारी युवा नेता,अरुण दीक्षित, ओम जी तिवारी, मिलन पाण्डेय सहित हजारों लोग मौजूद रहें।



