लखनऊ: शहर के ‘मरकज़-ए-तालीम-ओ-तर्बियत ट्रस्ट’ ने लोगों में धार्मिक और वैचारिक समझ बढ़ाने के लिए एक खास मुहिम शुरू की है। इसके तहत शहर के इमामों (नमाज़ पढ़ाने वालों) और दीन की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ है। इन प्रोग्रामों में बड़े विद्वान (उलेमा) कुरान की शिक्षाओं, इस्लाम के इतिहास और अहले-बैत (अ) के ज्ञान पर लगातार जानकारी दे रहे हैं। इसका मकसद युवाओं और छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी बेहतर तरबीयत (परवरिश) करना है ताकि वे आज के दौर की चुनौतियों का सामना कर सकें।
इन प्रोग्रामों में बड़े मौलानाओं ने ज़रूरी विषयों पर अपनी बात रखी:
मौलाना सैयद अशरफ अली अल-ग़रवी साहब ने शरीयत के कानूनों और उनकी बारीकियों के बारे में बहुत विस्तार से जानकारी दी।
मौलाना शेख अली इमाम साहब ने कुरान की गहराइयों और उसके सही मतलब को समझने पर रोशनी डाली।
मौलाना सैयद पयाम हैदर आज़मी साहब ने शादी-ब्याह और परिवार से जुड़े सामाजिक मसलों के हल के लिए ज़रूरी बातें बताईं।
मौलाना शेख ज़हीर अब्बास साहब ने अख्लाक़ (अच्छे व्यवहार) और इंसान के किरदार को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया।
मौलाना सैयद मोहम्मद मियां आब्दी साहब ने अल्लाह की एकता (तौहीद) के विषय पर आज के दौर की मिसालों के साथ बहुत ही प्रभावशाली बात कही।
इन बैठकों में बड़ी संख्या में मौलानाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया और विद्वानों से सवाल-जवाब भी किए। शामिल होने वाले लोगों ने ट्रस्ट की इस कोशिश की खूब तारीफ की और कहा कि आज के दौर में ऐसे प्रोग्राम बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रोग्राम आगे भी जारी रहेंगे।



