
लखनऊ। खानकाह-ए-आलिया वारिसिया हसनिया, लखनऊ के सज्जादानशीन सय्यद शाह वासिफ हसन वाइज़ी ने प्रख्यात इस्लामी विद्वान, दारुल उलूम नदवतुल उलमा के पूर्व शिक्षक तथा जामिया सय्यद अहमद शहीद कटौली, मलिहाबाद के नाज़िम मौलाना सय्यद सलमान हुसैनी नदवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मौलाना की मृत्यु से मुस्लिम समाज, शैक्षिक जगत और दीन की सेवा के क्षेत्र में एक बड़ा रिक्त स्थान उत्पन्न हो गया है।
अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि मौलाना सलमान हुसैनी नदवी इल्म, दावत, तालीम और इस्लाही तहरीक की एक प्रतिष्ठित हस्ती थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन हदीस की शिक्षा, धार्मिक ज्ञान के प्रसार तथा नई पीढ़ी के बौद्धिक और नैतिक निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। नदवतुल उलमा में उनकी शिक्षण सेवाएं और विभिन्न शैक्षिक एवं दावती संस्थाओं की स्थापना में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
सय्यद शाह वासिफ हसन वाइज़ी ने कहा कि मौलाना अपने व्यापक अध्ययन, गहरी वैचारिक दृष्टि और निर्भीक अभिव्यक्ति के लिए पहचाने जाते थे। उनकी पुस्तकें, व्याख्यान और शैक्षिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें मौलाना की नमाज़-ए-जनाज़ा में शामिल होने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
अंत में उन्होंने शोक संतप्त परिवार, शिष्यों, सहयोगियों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह दिवंगत की मग़फ़िरत फरमाए, उन्हें उच्च स्थान प्रदान करे तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।



