लखनऊ: ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष मौलाना मिर्जा मोहम्मद अतहर की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को शिया डिग्री कॉलेज के नक्खास परिसर में फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने किया।
वन वॉयस ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में मौलाना अतहर के धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने मौलाना अतहर से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि मौलाना अतहर उन चुनिंदा धर्मगुरुओं में थे, जिन्हें सभी धर्मों और समुदायों के लोग सम्मान की दृष्टि से देखते थे। उन्होंने हमेशा इंसानियत और आपसी एकता का संदेश दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी भी धर्म में कट्टरता समाज के लिए हितकर नहीं है।
लखनऊ के त्योहारों से जुड़ी यादें साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर लोगों के घरों में मुबारकबाद देने का सिलसिला वह हमेशा मौलाना अतहर के घर से शुरू करते थे। उन्होंने बताया कि लखनऊ के महापौर रहते हुए उन्होंने हुसैनाबाद में बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा के बीच की सड़क का नाम बदलकर श्अज़ादारी रोडश् रखा था। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान शहर में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करते थे।
मौलाना अतहर के पुत्र एवं ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि उनके पिता ने मुंबई में लगातार 58 वर्षों तक मजलिसों को खिताब किया और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब तथा उनके अहलेबैत की शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाया।
इस अवसर पर पेन या पेन्सिल से मौलाना अतहर साहब के चित्र बनाने वाली प्रतियोगिता हुई जिसमें ग्रुप-ए में कनीज़ फात्मा को प्रथम, आदिल अब्बास को द्वितीय, मो0 ज़मा रिज़वी को तृतीय, ग्रुप-बी में फौज़िया फात्मा को प्रथम, मो0 आरिज़ अब्बास मिर्ज़ा को द्वितीय, मो0 शहनवाज़ को तृतीय और लेखन मंे मासूमा रिज़वी को प्रथम पुरस्कार, रहनुमा शेख को द्वितीय व जावेद मसीह को तृतीय पुरस्कार मिला।
प्रदर्शनी के आयोजक एसएन लाल और आजम हुसैन ने कहा कि मौलाना अतहर की सादगी और उनकी प्रभावशाली तकरीर के अंदाज ने उन्हें यह प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। मौलाना डॉ. एजाज अतहर ने कहा कि मौलाना अतहर की तकरीरों ने दुनिया भर में लोगों को प्रभावित किया और धर्म के वास्तविक संदेश को समझने में मदद की।
इस अवसर पर मौलाना जाहिद अहमद, मौलाना साइम मेहदी, मौलाना मूसा रिजवी, मौलाना अबू इफ्तेखार जैदी, मौलाना जाफर अब्बास और मौलाना अनवर हुसैन सहित कई धर्मगुरु मौजूद रहे।



