लखनऊ: इंटरनेशनल यूनानी फोरम (आईयूएफ) के तत्वावधान में तथा फहमीना हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से चौथे आईयूएफ नेशनल यूनानी क्विज और दूसरे आईयूएफ क्लिनिकल केस क्विज 2026 के उद्घाटन समारोह का आयोजन एरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय ‘‘क्लिनिकल अनुभवों को वैज्ञानिक श्रेष्ठता में बदलना’’ था। इस अवसर पर यूनानी चिकित्सा में शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गवर्नमेंट तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के पीजी स्कॉलर डॉ. मुहम्मद जकरिया की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुआ। आईयूएफ के ट्रस्टी डॉ. एम. शाहिद मलिक ने स्वागत भाषण दिया।
आईयूएफ के संस्थापक ट्रस्टी डॉ. मुबश्शिर खान ने ‘‘इंटरनेशनल यूनानी फोरम एक नजर में’’ विषय पर फोरम की गतिविधियों का परिचय प्रस्तुत किया।
आईयूएफ के ट्रस्टी एवं गवर्नमेंट तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. तनवीर आलम ने बताया कि नेशनल यूनानी क्विज ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बीयूएमएस के छात्र और इंटर्न भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता 22 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगी, जबकि पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर शाम 5 बजे निर्धारित है। तीन उत्कृष्ट प्रतिभागियों को छठे आईयूएफ यूनानी कॉन 2026 में सम्मानित किया जाएगा।
आरआरआईयूएम, श्रीनगर से डॉ. अफसह अल-कलाम ने क्लिनिकल केस क्विज के नियमों और मूल्यांकन मानदंड की जानकारी दी। इसमें यूनानी फैकल्टी सदस्य, मेडिकल अधिकारी, चिकित्सक, वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा पीएचडी/पीजी स्कॉलर व्यक्तिगत या दो सदस्यीय टीम के रूप में भाग ले सकते हैं। केस रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 है। सर्वश्रेष्ठ तीन केस रिपोर्ट को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे तथा चयनित केस के प्रकाशन की भी संभावना है।
मुख्य अतिथि केंद्रीय परिषद (सीसीआरयूएम), मंत्रालय आयुष, भारत सरकार, नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. यूनुस इफ्तिखार मुंशी ने क्लिनिकल अनुभवों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और शोध के मानकों पर जोर दिया। दोनों कार्यक्रमों का औपचारिक उद्घाटन एरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ के कुलपति प्रोफेसर अब्बास मेहदी ने किया। उन्होंने अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया।
समापन पर आईयूएफ के राष्ट्रीय ट्रस्टी एवं ‘जेडवीएम’ यूनानी मेडिकल कॉलेज, पुणे के प्रिंसिपल डॉ. आसिफ अंसारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और फहमीना हर्बल्स के सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर आईयूएफ ट्रस्टी डॉ. सलमान खालिद, डॉ. अयाज, डॉ. खुर्शीद, डॉ. परवेज आलम भी मौजूद रहे।



