लखनऊ । कैसरबाग पुलिस ने जानलेवा हमले के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और पाना बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल एक अन्य आरोपी रौनित उर्फ शुभम की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस के मुताबिक 10 सितंबर 2026 को मोहम्मद अनस निवासी रमजान नगर, तेलीबाग की तहरीरी सूचना पर कैसरबाग थाने में मुकदमा संख्या 159/2026 धारा 109 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार तीन अज्ञात लोगों ने उस पर जानलेवा हमला किया था। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी।शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस को जानकारी मिली कि घटना में शामिल आरोपी बालाकदर रोड स्थित मार्ग प्रकाश विभाग की इमारत के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चाय की दुकान पर बैठे तीनों लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर उन्हें मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मोहम्मद अरशद निवासी देवकली, अमेठी, मोहम्मद रहमान निवासी जैनपुर देवकली, अमेठी और जिशान निवासी खुदावन का पुरवा, अमेठी बताए।पुलिस के अनुसार पूछताछ में तीनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर महापौर आवास के पास स्थित गुमटी के पीछे से एक लोहे की रॉड और एक लोहे का पाना बरामद किया गया। वादी को मौके पर बुलाकर आरोपियों की पहचान कराई गई, जहां उसने तीनों को अपने ऊपर हमला करने वालों के रूप में पहचान लिया। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर तीनों को धारा 109(1)/61 बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया। उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे काम की तलाश में लखनऊ आए थे। इसी दौरान रौनित उर्फ शुभम पुत्र वीरेंद्र कुमार निवासी सत्थिन, थाना शुकुलबाजार, अमेठी ने पैसे का लालच देकर एक व्यक्ति पर हमला करने के लिए तैयार किया। आरोपियों के अनुसार रौनित उर्फ शुभम के कहने पर वे उसकी स्विफ्ट कार से एक फार्च्यूनर कार का पीछा करते हुए तेलीबाग पहुंचे और सहकारी इंडेन गैस के पास ट्रैक्टर के पीछे उतर गए।आरोपियों ने बताया कि फार्च्यूनर सवार व्यक्ति के मार्ग प्रकाश विभाग की इमारत से बाहर निकलने पर रौनित उर्फ शुभम के कहने पर तीनों ने लोहे की रॉड, पाना और हाथ-मुक्कों से उस पर हमला कर दिया। व्यक्ति के नीचे गिरने के बाद भी उस पर हमला किया गया। इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए। आरोपियों के मुताबिक घटना के बाद रौनित उर्फ शुभम ने उन्हें अजमेर शरीफ भेज दिया था, जहां से कुछ समय बाद वे वापस लौटे। अरशद और रहमान ने बरामद लोहे की रॉड और पाना के घटना में इस्तेमाल किए जाने की बात बताई है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अरशद के खिलाफ अमेठी के जगदीशपुर थाने में वर्ष 2021 में चोरी और बरामदगी से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर अधिनियम का मामला भी शामिल है। रहमान के खिलाफ जगदीशपुर थाने में वर्ष 2026 में मारपीट और अन्य धाराओं में एक मुकदमा दर्ज है। जिशान के खिलाफ बाजार शुक्ल थाने में वर्ष 2024 और 2026 में मारपीट एवं अन्य धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अरशद की उम्र 20 वर्ष, मोहम्मद रहमान की उम्र 32 वर्ष और जिशान की उम्र 23 वर्ष है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक योगेश चंदेल, उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह सेंगर, मुख्य आरक्षी कुलदीप राठौर, आरक्षी अरुण तेवतिया और आरक्षी अनीश अहमद शामिल रहे।



