लखनऊ, 12 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ में 46वें राष्ट्रीय कलमवीर दिवस के अवसर पर ‘साहित्य और पत्रकारिता : कल और आज’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं प्रख्यात साहित्यकार श्री महेश चंद्र द्विवेदी ने की। पूर्व सांसद श्री जफर अली नकवी तथा एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. अब्बास अली मेहदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, विज्ञान, कला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।
यह आयोजन प्रख्यात साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी के जन्मदिवस के अवसर पर अवध साहित्य अकादमी, नवसृजन साहित्य एवं सांस्कृतिक संस्था, अखिल भारतीय साहित्य परिषद तथा मीडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। वर्ष 1980 से राष्ट्रीय कलमवीर दिवस देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में निरंतर मनाया जा रहा है।
डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की बहुआयामी सेवाओं की सराहना
पूर्व सांसद श्री जफर अली नकवी ने डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी के साहित्यिक, बौद्धिक एवं पत्रकारिता संबंधी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उर्दू, हिंदी, ब्रज, अवधी, फारसी और अंग्रेजी भाषाओं में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी अब तक 72 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों में कविता, साहित्य, कहानी, इतिहास, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा और पत्रकारिता जैसे विविध विषय शामिल हैं। उनकी नवीनतम पुस्तक ‘भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर’ भी प्रकाशित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि डॉ. हाशमी ने राजधानी में निष्पक्ष, ईमानदार और विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्हें अब तक 500 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने भारत सरकार के योजना आयोग में सलाहकार सदस्य के रूप में कार्य करने के साथ यूनिसेफ, रोटरी, वर्ल्ड लिटरेरी कांग्रेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़कर निःशुल्क सामाजिक सेवाएं भी प्रदान की हैं।
श्री नकवी ने सूचना के अधिकार कानून के लिए डॉ. हाशमी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सूचना के अधिकार को कानूनी स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि किसी साहित्यकार और पत्रकार के नाम पर इतने लंबे समय से दिवस का आयोजन होना तथा वरिष्ठ साहित्यकारों एवं पत्रकारों द्वारा उसे निरंतर मनाया जाना अपने आप में विशिष्ट उपलब्धि है।
एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. अब्बास अली मेहदी ने कहा कि डॉ. हाशमी ने साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ सैकड़ों चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता की है। साहित्यिक, पत्रकारितीय और सामाजिक क्षेत्रों में उनकी सक्रियता ने उन्हें समाज में अलग पहचान दिलाई है। इस अवसर पर मौलाना सैयद तनवीरुल हसन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
साहित्य और पत्रकारिता के गिरते स्तर पर चिंता
संगोष्ठी में दूरदर्शन लखनऊ के सहायक निदेशक श्री आत्म प्रकाश मिश्रा ने ‘साहित्य और पत्रकारिता : कल और आज’ विषय पर विचार रखते हुए कहा कि अतीत में साहित्य, रचनात्मक लेखन और पत्रकारिता का स्वर्णिम दौर रहा है। महादेवी वर्मा, अमृतलाल नागर और कुलदीप नैयर जैसी विभूतियों ने इन क्षेत्रों को समृद्ध बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साहित्य और पत्रकारिता के गिरते स्तर पर गंभीरता से विचार करने तथा उनकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए श्री महेश चंद्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय कलमवीर दिवस के निरंतर आयोजन की सराहना की और इसे साहित्य तथा पत्रकारिता के प्रति समर्पण का महत्त्वपूर्ण उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवि श्री उदय प्रताप सिंह, पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अनीस अंसारी, प्रख्यात हास्य कवि श्री सूर्य कुमार पांडेय, उत्तर प्रदेश के उपलोकायुक्त श्री दिनेश कुमार सिंह, प्रो. डॉ. साबिरा हबीब, श्रीमती मंजू सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार घुफरान नसीम, हेमंत तिवारी, मौलाना सैयद तनवीरुल हसन तथा दूरदर्शन लखनऊ के सहायक निदेशक श्री आत्म प्रकाश मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार रखे।
विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को ‘कलमवीर चक्र’ सम्मान
राष्ट्रीय कलमवीर दिवस के अवसर पर साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, विज्ञान, सिनेमा, रंगमंच और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया।
‘कलमवीर चक्र सम्मान-2026’ से प्रख्यात वैज्ञानिक एवं फिल्म, टेलीविजन और रंगमंच के कलाकार पद्म डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी, पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. जय प्रकाश सैनी, आईएएस अधिकारी श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री पवन कुमार (आईएएस), वरिष्ठ साहित्यकार एवं नई दिल्ली में ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक श्री अरविंद सिंह बिष्ट तथा टाइम्स ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ पत्रकार को सम्मानित किया गया।
‘कलमवीर रत्न सम्मान-2026’ श्री चरण सिंह ‘बशर’, पूर्व पुलिस उपाधीक्षक एवं उर्दू शायर; डॉ. शान्तोना दुबे तिवारी, शिक्षाविद्, लेखिका एवं अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी; डॉ. शुषमा सिंह, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की संरक्षक एवं समाजसेवी; तथा शिक्षाविद् डॉ. सुधा बाजपेयी को प्रदान किया गया।
इसी क्रम में प्रो. डॉ. विष्णु गिरि गोस्वामी स्मृति सम्मान-2026 वरिष्ठ साहित्यकार श्री नरेंद्र भूषण को तथा डॉ. रंगनाथ मिश्र ‘सत्य’ स्मृति सम्मान-2026 वरिष्ठ साहित्यकार श्री राजेश द्विवेदी को प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त डॉ. उमंग खन्ना, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, रूपा पांडेय ‘स्वरूपा’, मंजू सक्सेना, डॉ. सुधा मिश्रा, मनु बाजपेयी, अखिलेश कुमार सिंह तथा मीडिया प्रभारी अब्दुल वाहिद को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी सम्मानित विभूतियों के साहित्यिक, पत्रकारितीय, शैक्षिक और सामाजिक योगदान की सराहना की।
गजलों की प्रस्तुति ने बांधा समां
समारोह में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की लिखी गजलों को प्रख्यात गजल गायक श्री मिथिलेश लखनवी ने मधुर स्वर और प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। तबले पर श्री रत्नेश कुमार मिश्रा की कलात्मक संगत ने महफिल में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगेश गुप्ता एवं डॉ. सुधा मिश्रा ने किया। वाणी वंदना रूपा पांडेय ‘स्वरूपा’ ने प्रस्तुत की, जबकि मनु बाजपेयी ने अतिथियों का स्वागत किया। शहजीब हाशमी ने आभार व्यक्त किया।
समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार श्री त्रिवेणी प्रसाद दुबे ‘मनीष’, महेंद्र भीष्म, कुमार तरल, डॉ. सत्यदेव प्रसाद द्विवेदी पाठक, हौसला प्रसाद त्रिपाठी, रूपा पांडेय ‘स्वरूपा’, विजय कुमारी मौर्य, अनिल किशोर शुक्ला और राम प्रकाश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, पत्रकार एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कलमवीर दिवस का यह आयोजन साहित्य और पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा को रेखांकित करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं के सम्मान तथा सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करने का महत्त्वपूर्ण अवसर बना।



