लखनऊ:ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के महासचिव, सैयद बाबर अशरफ़ किछौछवी ने “दरगाह हाजी हरममैन शाह, ” तथा “दरगाह शहमीना शाह “ केजमीयू परिसर लखनऊ ” के संबंध में जारी अपने विस्तृत बयान में कहा है कि दोनों दरगाहें विधिवत वक्फ़ में पंजीकृत संपत्तियाँ हैं और उनकी ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता निर्विवाद है।
उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) परिसर में स्थित अन्य मज़ारें भी लगभग 600 से 700 वर्ष पुरानी हैं। ऐसे में इन पवित्र स्थलों की वैधता पर प्रश्न उठाना इतिहास, परंपरा और आस्था—तीनों के प्रति अन्याय है।
सैयद बाबर अशरफ़ ने आरोप लगाया कि केजीएमयू प्रशासन से जुड़े कुछ बयान अनावश्यक विवाद को जन्म दे रहे हैं। उनके अनुसार डॉ. के.के. सिंह के माध्यम से दिए गए वक्तव्य सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले हैं और शहर के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों को हर हाल में रोका जाना चाहिए।
उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि वह इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रभावी कदम उठाए।
महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि बिना वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत किए किसी भी प्रकार की बलपूर्वक या एकतरफा कार्रवाई की जाती है, तो उसके विरोध में लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन किया जाएगा, जिसमें न केवल लखनऊ बल्कि आसपास के जिलों के लोग भी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही प्रदेश के प्रमुख उलेमा, मशायख़ और बुद्धिजीवियों की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें वक्फ़ संपत्तियों (पवित्र स्थलों) के संरक्षण तथा सामाजिक एकता के विषय पर ठोस रणनीति तय की जाएगी।
समय की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रत्येक मोहल्ले में युवाओं की समितियाँ गठित करने की अपील की, जो मिशन की केंद्रीय इकाई से समन्वय स्थापित कर उसके दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करें।
उन्होंने कहा,
“हमारी एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जबकि हमारी चुप्पी या आपसी मतभेद असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का उद्देश्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है, किंतु केजीएमओयू प्रशासन की गतिविधियाँ इस उद्देश्य के विपरीत प्रतीत हो रही हैं, जिससे शासन की छवि प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गंभीर आरोपों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिशें की जा रही हैं, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं।
साथ ही उन्होंने मांग की कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का नज़ूल विभाग इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करे, संबंधित संस्थाओं की सीमाएँ स्पष्ट करे और Dargah Shah Meena तथा Dargah Haji Harmain Shah से संबंधित सभी वैध दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएँ, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन ने हमेशा प्रदेश और देश में शांति, सद्भाव और विकास के लिए सकारात्मक भूमिका निभाई है और आगे भी वैध उद्देश्यों के लिए अपना सहयोग जारी रखेगा।
अपील:सैयद बाबर अशरफ़ किछौछवी ने समाज के सभी वर्गों—उलेमा, मशायख़, युवाओं, बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों—से अपील की कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें तथा शांतिपूर्ण, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि ये पवित्र स्थल हमारी आस्था, पहचान और साझा विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।



