लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने जनता का “बोझ” उठाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार जनता को भरोसा दिलाती रही कि देश में किसी चीज की कोई कमी नहीं है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही लोगों को पेट्रोल-डीजल, गैस और यहां तक कि सोने के इस्तेमाल में कटौती करने की सलाह दी जाने लगी।सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा है कि पिछले दो महीने से सरकार जनता का बोझ उठा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका सीधा अर्थ यह है कि चुनाव तक जनता को राहत देने का दिखावा किया गया, लेकिन जैसे ही मतदान प्रक्रिया समाप्त हुई, सरकार ने आर्थिक बोझ जनता के कंधों पर डालना शुरू कर दिया।आप सांसद ने कहा कि चुनाव के समय सरकार दावा कर रही थी कि देश में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं है और सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही लोगों से कहा जाने लगा कि पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें, गैस कम जलाएं, खाने के तेल का उपयोग सीमित करें और यहां तक कि एक साल तक सोना न खरीदें। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को हर प्रकार की कटौती के लिए प्रेरित कर रही है और इसे “देशभक्ति” का नाम दिया जा रहा है।संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट को भी राष्ट्रभक्ति से जोड़कर जनता पर मानसिक दबाव बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों से कहा जा रहा है कि शादी-ब्याह और सामाजिक आयोजनों में भी खर्च कम करें, लेकिन दूसरी ओर सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के ऐशोआराम, विदेशी यात्राओं और भव्य आयोजनों में कोई कमी नहीं दिखाई देती।उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की वृद्धि कर दी। उनके अनुसार इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, चाय विक्रेताओं और मेहनतकश वर्ग पर पड़ेगा, जो इन्हीं सिलेंडरों का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमत में 261 रुपये की बढ़ोतरी भी गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।संजय सिंह ने कहा कि देश की जनता को यह समझना होगा कि चुनाव के समय केवल वोट लेने के लिए वादे किए जाते हैं, जबकि चुनाव खत्म होते ही युवाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग को आर्थिक संकट और बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पटना की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब नौजवान रोजगार और अधिकार मांगते हैं तो उन्हें लाठियों से जवाब दिया जाता है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि महंगाई में जीना ही देशभक्ति है, गैस कम इस्तेमाल करना देशभक्ति है और जरूरतों में कटौती करना भी राष्ट्रहित है। जबकि दूसरी ओर भाजपा की रैलियां, रोड शो और राजनीतिक कार्यक्रम लगातार जारी रहते हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर संसाधनों का उपयोग किया जाता है।आप सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और बड़े आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के खर्चों में कोई कटौती नहीं होती, लेकिन आम जनता से त्याग और संयम की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री का यह दोहरा रवैया अब देश की जनता के सामने उजागर हो चुका है।संजय सिंह ने कहा कि देश की जनता को अब यह तय करना होगा कि वह कब तक महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बोझ को चुपचाप सहन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार से जवाब मांग रही है और आने वाले समय में इन मुद्दों पर अपनी राय भी स्पष्ट रूप से व्यक्त करेगी।



