असोथर/फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के घनघौल गांव में एक हिंसक भैंसे के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भैंसा आए दिन गांव और आसपास के क्षेत्र में घूमता रहता है और लोगों व पशुओं को देखते ही हमला करने के लिए दौड़ पड़ता है। इससे गांव में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर डर बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक, भैंसा अब तक कई पशुओं पर हमला कर चुका है। सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि भैंसा कई बार लोगों को दौड़ा चुका है और उन्हें भी दौड़ाया था। उनके अनुसार, करीब 10 से 12 भैंसों पर वह हमला कर चुका है। एक बार सत्यनारायण की भैंस को उसने तालाब में गिरा दिया था। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। घायल भैंस को ट्रैक्टर पर लादकर ले जाना पड़ा। ग्रामीण सिद्धार्थ ने बताया कि भैंसे को लाठी-डंडे से भगाने की कोशिश करने पर वह ग्रामीणों पर ही हमला करने के लिए दौड़ता है। ऐसे में लोग पत्थर आदि का सहारा लेकर किसी तरह उसे दूर भगाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भैंसे को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। पीड़ित किसान रामऔतार ने बताया कि भैंसे के हमले में उनकी दो भैंसों की मौत हो चुकी है। इससे उन्हें करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि भैंसा खेतों और आसपास मौजूद पशुओं पर हमला करता है। उन्होंने प्रशासन से भैंसे को पकड़ने के साथ ही नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीण मदन यादव ने बताया कि भैंसे के हमले में उनकी दो-तीन भैंसें मारी जा चुकी हैं। उनका आरोप है कि भैंसा राहगीरों को भी दौड़ाता है। उन्होंने बताया कि पहले ग्राम प्रधान से शिकायत की गई थी। वहां से थाने जाने को कहा गया और थाने में वन विभाग से शिकायत करने की बात कही गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण महिला योगमाया ने बताया कि भैंसा उनके परिवार के लोगों और पशुओं को भी दौड़ा चुका है। उनके जेठ और देवर पर हमला करने की कोशिश कर चुका है। एक भैंस भी उसके हमले में घायल हुई है। उन्होंने बताया कि भिलारी मऊ के लोगों ने लाठी-डंडे लेकर भैंसे को खदेड़ा था। उनका कहना है कि भैंसा दिन-रात में कई बार गांव की ओर आ जाता है। बच्चों को भी इससे खतरा बना हुआ है और शशांक नामक बच्चे को भी वह दौड़ा चुका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों और उनके पशुओं को भैंसे के हमले से बचाया जा सके।
ग्रामीणों को बड़ी घटना का डर
ग्रामीणों का कहना है कि भैंसे के लगातार हमलावर व्यवहार से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। सबसे अधिक खतरा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग की टीम को गांव भेजकर भैंसे को जल्द पकड़ा जाए और आबादी से दूर किया जाए।
डीएफओ बोले- पशु विभाग का मामला
मामले में डीएफओ से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि यदि मामला भैंसे का है तो यह पशु विभाग से संबंधित है। उन्होंने ग्रामीणों को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने की बात कही। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह बैठक में हैं और बाद में बात करने को कहा। समाचार लिखे जाने तक उनका विस्तृत पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।



