बाराबंकी: समाजवादी पार्टी द्वारा धनराज परिमल नथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बाराबंकी के सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता तथा एआईएमआईएम के 268 विधानसभा क्षेत्र बाराबंकी से उम्मीदवार मोहम्मद अख़लाक़ नदवी ने सपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए हैं।
अख़लाक़ नदवी ने कहा कि धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं, जबकि उनके पिता परिमल नथवानी पूर्व में राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों से अक्सर भाजपा के खिलाफ मतदान की अपील की जाती है, लेकिन जब उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देने का अवसर आता है तो भाजपा से जुड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य को उम्मीदवार बनाया जाता है। उन्होंने कहा, “आखिर मुसलमानों के हिस्से में केवल वोट देना और राजनीतिक संघर्ष में भागीदारी निभाना ही क्यों आता है? प्रतिनिधित्व में उनका अधिकार कहां है?”
अख़लाक़ नदवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह निर्णय उसकी राजनीति और मुस्लिम समर्थकों के बीच विचार-विमर्श का विषय बन गया है। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक भागीदारी, प्रतिनिधित्व और भविष्य की रणनीति के सवाल पर गंभीरता से विचार करें।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक वर्ग की प्रभावी भागीदारी आवश्यक है और राजनीतिक दलों को अपने निर्णयों में सामाजिक संतुलन तथा जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखना चाहिए।



