Sunday, November 1, 2026
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आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई से पहले रामपुर जेल पहुंची ED की टीम, शाम को अचानक बदला घटनाक्रम

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर शनिवार को दिनभर रामपुर में हलचल बनी रही। दोपहर तक दोनों की जेल से रिहाई का रास्ता लगभग साफ हो गया था। माना जा रहा था कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शाम तक आजम खान और अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आ जाएंगे। उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों में भी रिहाई को लेकर चर्चाएं तेज थीं। लेकिन शाम होते-होते जिला कारागार में अचानक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। लखनऊ नंबर की गाड़ियों से कुछ लोग जेल पहुंचे। इनमें से तीन-चार लोग जेल के अंदर गए। सूत्रों के मुताबिक, जेल पहुंचने वाले लोगों में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के कुछ अधिकारी भी शामिल थे।

दिनभर मुचलके भरवाने में जुटे रहे अधिवक्ता

आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई के लिए शनिवार को उनके अधिवक्ता दिनभर कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे रहे। मुकदमों की संख्या अधिक होने के कारण दोनों की रिहाई से संबंधित प्रक्रिया में काफी समय लगा। अधिवक्ताओं को अलग-अलग मुकदमों में मुचलके भरवाने और रिहाई के परवाने जारी कराने पड़े।

आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि सभी मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी हो चुके हैं। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा था कि अब आजम खान और उनके बेटे की जेल से बाहर आने की प्रक्रिया में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं बची है।

दरअसल, आजम खान के खिलाफ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल में विचाराधीन पांच मुकदमों में शुक्रवार को ही रिहाई के परवाने जारी कर दिए गए थे। ये परवाने जिला कारागार भी पहुंच गए थे। इसके बाद शनिवार को शेष मुकदमों से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा कराने की प्रक्रिया जारी रही।

शाम को लखनऊ नंबर की गाड़ियों से पहुंचे लोग

दिनभर रिहाई की तैयारियों के बीच शाम को जिला कारागार में अचानक हलचल बढ़ गई। लखनऊ नंबर की कुछ गाड़ियां जेल परिसर पहुंचीं। इन गाड़ियों से आए लोगों में से तीन-चार व्यक्ति जेल के अंदर गए। उस समय तक जेल के बाहर मौजूद लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि ये लोग किस उद्देश्य से पहुंचे हैं।

हालांकि, बाद में सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई कि जेल के अंदर जाने वाले लोगों में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के कुछ अधिकारी शामिल थे। उनके जेल पहुंचने का उद्देश्य क्या था और वे आजम खान से संबंधित किस मामले में जानकारी लेने आए थे, इसे लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।

इस घटनाक्रम के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर बनी स्थिति पर एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गईं। दिनभर जिस रिहाई को लेकर तैयारियां चल रही थीं, शाम को ED अधिकारियों के जेल पहुंचने की खबर ने मामले को चर्चा में ला दिया।

सभी मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी होने की जानकारी

आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान के मुताबिक, सभी मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी हो चुके थे। कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी बंदी की रिहाई के लिए संबंधित मामलों में अदालत से जारी आदेशों का जेल तक पहुंचना और आवश्यक औपचारिकताओं का पूरा होना जरूरी होता है।

आजम खान के खिलाफ मुकदमों की संख्या अधिक होने के कारण रिहाई की प्रक्रिया में समय लगा। अधिवक्ता लगातार अलग-अलग मामलों में मुचलके भरवाने और परवाने जारी कराने में लगे रहे। शुक्रवार को पांच मुकदमों में रिहाई के परवाने जेल पहुंचने के बाद शनिवार को बाकी प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर रहा।

दोपहर तक मिल रही जानकारी के आधार पर उम्मीद जताई जा रही थी कि शाम तक दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, शाम को जेल पहुंचे लोगों और ED अधिकारियों से जुड़ी जानकारी के बाद घटनाक्रम को लेकर स्थिति चर्चा का विषय बन गई।

ED अधिकारियों के पहुंचने से बढ़ी हलचल

जिला कारागार में ED अधिकारियों के पहुंचने की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या आजम खान से जुड़े किसी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से कोई नई कार्रवाई की जा रही है? हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अधिकारी किस मामले के सिलसिले में जेल पहुंचे थे और उन्होंने जेल के अंदर किससे मुलाकात की।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि ED अधिकारियों के जेल पहुंचने का आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की प्रक्रिया पर कोई सीधा असर पड़ा या नहीं। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल अधिवक्ता की ओर से सभी मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी होने की जानकारी दी गई है, जबकि शाम को जेल पहुंचे ED अधिकारियों की मौजूदगी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

रिहाई को लेकर समर्थकों की निगाहें जेल पर टिकीं

आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। उनके और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर रामपुर में राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। दिनभर अधिवक्ताओं की ओर से कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिशों के बीच समर्थकों को उम्मीद थी कि दोनों जल्द जेल से बाहर आएंगे।

लेकिन शाम को जिला कारागार में हुए घटनाक्रम के बाद सभी की निगाहें आगे की स्थिति पर टिक गईं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ED अधिकारियों के जेल पहुंचने के पीछे क्या वजह थी और आजम खान तथा अब्दुल्ला आजम की रिहाई की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अधिवक्ता सभी मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी होने की जानकारी दे चुके हैं, जबकि ED अधिकारियों के जेल पहुंचने को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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