ऑकलैंड। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की चोट ने वनडे टीम का संतुलन प्रभावित किया है। लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे हार्दिक की कमी भारतीय टीम को निचले मध्यक्रम में महसूस हो रही है। कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि इस ऑलराउंडर की वापसी से टीम की बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और सातवें तथा आठवें नंबर के बल्लेबाज को लेकर बनी उलझन भी दूर हो जाएगी। गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाली वनडे सीरीज से पहले ऑकलैंड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
गिल ने हार्दिक पांड्या की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम खिलाड़ी ऐसे हैं, जो उनकी तरह बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं। हार्दिक नई गेंद से लेकर मध्य ओवरों और आखिरी ओवरों तक गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही वह निचले क्रम में तेजी से रन बनाने में भी सक्षम हैं। कप्तान के मुताबिक, जब हार्दिक टीम में लौटेंगे तो नंबर-7 और नंबर-8 की जगह भी व्यवस्थित हो जाएगी। इससे भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिहाज से ज्यादा संतुलित दिखाई देगी।
आईपीएल के बाद से टीम से बाहर हैं हार्दिक
हार्दिक पांड्या पिछले आईपीएल के बाद से लगातार चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी वापसी को लेकर कई बार उम्मीद जगी, लेकिन अलग-अलग मौकों पर फिटनेस संबंधी दिक्कतों ने उनकी वापसी टाल दी। उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की वनडे टीम में शामिल किया गया था, लेकिन मुकाबलों से पहले अभ्यास के दौरान उनकी पिंडली में परेशानी सामने आ गई। इसके बाद उन्हें आराम करने की सलाह दी गई और उनकी वापसी की योजना प्रभावित हुई।
हार्दिक की गैरमौजूदगी का असर भारतीय टीम के संयोजन पर पड़ रहा है। वह आमतौर पर छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और जरूरत पड़ने पर तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। ऐसे खिलाड़ी की अनुपस्थिति में टीम को अतिरिक्त बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। यही वजह है कि भारतीय टीम के सामने निचले मध्यक्रम में सही संयोजन चुनने की चुनौती बनी हुई है।
शुभमन गिल ने कहा कि हार्दिक के पास ऐसी क्षमताएं हैं, जिनका विकल्प तलाशना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हार्दिक आईपीएल के बाद से नहीं खेल पाए। कप्तान ने उम्मीद जताई कि ऑलराउंडर जल्द फिट होकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करेंगे।
वापसी से पहले घरेलू क्रिकेट खेलेंगे हार्दिक
गिल ने हार्दिक की फिटनेस को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी हार्दिक से कई बार बातचीत हुई है। भारतीय कप्तान को उम्मीद है कि हार्दिक जल्द पूरी तरह फिट होंगे और राष्ट्रीय टीम में लौटने से पहले कुछ घरेलू मुकाबले खेलेंगे।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले खिलाड़ी की मैच फिटनेस परखना जरूरी होता है। अभ्यास के दौरान फिट दिखाई देना और लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी मुकाबले में खेलना अलग-अलग परिस्थितियां हैं। घरेलू क्रिकेट में खेलने से हार्दिक को अपनी फिटनेस, गेंदबाजी की क्षमता और मैच के दबाव का आकलन करने का मौका मिलेगा।
गिल ने कहा कि हार्दिक जल्द फिट हों, घरेलू क्रिकेट खेलें और इसके बाद भारतीय टीम में वापसी करें, यही उम्मीद है। कप्तान की इस टिप्पणी से साफ है कि टीम प्रबंधन हार्दिक को लेकर जल्दबाजी करने के बजाय उनकी पूरी फिटनेस को प्राथमिकता देना चाहता है।
पांचवें, छठे और सातवें नंबर पर रहेगा लचीला रवैया
हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी के बीच भारतीय टीम बल्लेबाजी क्रम को लेकर लचीली रणनीति अपना रही है। शुभमन गिल ने बताया कि टीम में पांचवें, छठे और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की भूमिका मैच की परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के शुरुआती चार बल्लेबाजों की जगह लगभग तय है। इनमें खुद शुभमन गिल, रोहित शर्मा, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर शामिल हैं। ये सभी दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में अगर किसी मुकाबले में बाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत महसूस होती है तो अक्षर पटेल को ऊपर भेजा जा सकता है।
इसी तरह केएल राहुल की बल्लेबाजी की स्थिति भी मैच की परिस्थितियों के आधार पर तय होगी। अगर टीम को किसी विशेष समय पर अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत है तो राहुल को उसी हिसाब से भेजा जाएगा। गिल के मुताबिक, पांचवें, छठे और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की भूमिका केवल निर्धारित क्रम के आधार पर तय नहीं होगी, बल्कि उस समय कितने ओवर बचे हैं और मैच की स्थिति कैसी है, इसे भी ध्यान में रखा जाएगा।
इस रणनीति के जरिए भारतीय टीम बल्लेबाजी में दाएं और बाएं हाथ के खिलाड़ियों का बेहतर संयोजन बनाने की कोशिश कर रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ नई गेंदबाजी रणनीति
शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाजी की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने बताया कि टीम ऐसे तेज गेंदबाजों को मौका देने पर ध्यान दे रही है, जो अपनी लंबाई और गति के कारण पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल कर सकें।
गिल के मुताबिक, जब गेंद पुरानी हो जाती है तो उसमें स्विंग और सीम मूवमेंट कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में बल्लेबाजों को रोकना गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस चुनौती से निपटने के लिए तेज गति और अतिरिक्त उछाल हासिल करने वाले गेंदबाज उपयोगी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि टीम का उद्देश्य ऐसे गेंदबाजों को तैयार करना है, जो मध्य ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल कर सकें और विकेट हासिल करने के अवसर पैदा करें।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और औकिब नबी जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। जसप्रीत बुमराह को वनडे टीम में जगह नहीं दी गई है।
2027 विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली वनडे सीरीज को 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस विश्व कप से पहले भारतीय टीम के पास अलग-अलग परिस्थितियों में खिलाड़ियों को परखने का अवसर है।
न्यूजीलैंड की पिचों और मौसम की परिस्थितियां भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयोगी अनुभव दे सकती हैं। खासकर तेज गेंदबाजों को यहां उछाल और गति से मदद मिलने की संभावना रहती है। बल्लेबाजों के लिए भी इन परिस्थितियों में खुद को ढालना जरूरी होगा।
गिल का मानना है कि न्यूजीलैंड में खेलने का अनुभव आगामी विश्व कप की तैयारी में मददगार हो सकता है। टीम प्रबंधन इस दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस और अलग-अलग परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता का आकलन करना चाहेगा।
4 नवंबर से शुरू होगी वनडे सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंगटन और तीसरा मुकाबला 10 नवंबर को हैमिल्टन में होगा। सीरीज के अंतिम दो मुकाबले 13 और 15 नवंबर को माउंट माउंगानुई में खेले जाएंगे।
शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। इसके बाद टेस्ट सीरीज की तैयारियों के लिए उन्हें टीम से अलग किया जाएगा। अंतिम दो वनडे मुकाबलों में श्रेयस अय्यर कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारतीय टीम के सामने इस सीरीज में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सही संयोजन तैयार करने की चुनौती होगी। खासकर हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में निचले क्रम की जिम्मेदारी संभालने वाले खिलाड़ियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
कुल मिलाकर शुभमन गिल की नजर फिलहाल टीम के संतुलन और आगामी विश्व कप की तैयारियों पर है। हार्दिक पांड्या की वापसी को लेकर कप्तान का भरोसा बताता है कि टीम प्रबंधन उन्हें वनडे प्रारूप में बेहद अहम खिलाड़ी मानता है। हालांकि, उनकी वापसी पूरी तरह फिटनेस और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। भारतीय टीम को उम्मीद है कि हार्दिक जल्द मैदान पर लौटेंगे और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम की ताकत बढ़ाएंगे।



