Saturday, April 18, 2026
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उ.प्र. के तीन जिलों में एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण जागरूकता परियोजना शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ सहित तीन जिलों में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण जागरूकता परियोजना शुरू करने की घोषणा की गयी। उत्तर प्रदेश सरकार के परिवार स्वास्थ्य और कल्याण विभाग के साथ मिलकर डैनोन इंडिया द्वारा शुरू की जा रही यह परियोजना दो अन्य जिलों सिद्धार्थनगर व श्रावस्ती में भी लागू की गयी है। यहां परियोजना की घोषणा के दौरान परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक डा. एच.डी. अग्रवाल, डैनोन इंडिया के प्रबंध निदेशक शशि रंजन मौजूद थे। शुरू की जा रही इस परियोजना पहल का उद्देश्य जागरूकता, शुरुआती जांच और सामुदायिक स्तर पर बचाव के उपायों के जरिए बच्चों और समुदायों को प्रभावित करने वाली दो सबसे बड़ी पोषण संबंधी चुनौतियों आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण का समाधान करना है। ग्रो वेल फाउंडेशन के सहयोग से लागू की जा रही यह परियोजना शुरुआत में चुने गए जिलों में शुरू होगी, जिसके बाद इसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए एक तय योजना के तहत इसका विस्तार किया जाएगा। डैनोन इंडिया के प्रबंध निदेशक,शशि रंजन ने कहा हम देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को समर्थन देने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और हमें भारत सरकार के ‘एनीमिया मुक्त भारत’मिशन के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है। हम केंद्र और राज्य सरकारों के साथ ऐसी साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनका गहरा और लंबे समय तक असर बना रहे, क्योंकि देश के स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए बेहतर पोषण सबसे बुनियादी जरूरत है। समय पर जागरूकता और रोकथाम, बच्चों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और विकास के परिणामों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इस पहल के जरिए हमारा लक्ष्य वैज्ञानिक विशेषज्ञता, साझेदारी और सामुदायिक भागीदारी को जोड़कर एक सार्थक योगदान देना है। डॉ.एच.डी. अग्रवाल, महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश ने कहा आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण का समाधान करना हमारे लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक बड़ी प्राथमिकता है, खास तौर पर इसलिए क्योंकि इसका बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर लंबे समय तक असर पड़ता है। यह पहल सामुदायिक स्तर पर शुरुआती पहचान और जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। हम इस तरह की साझेदारियों को बहुत महत्व देते हैं, जहाँ डैनोन इंडिया जैसी संस्थाएं अपनी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और जमीनी स्तर पर काम करने की क्षमता के साथ सरकार के प्रयासों में सहयोग करती हैं। इस तरह के सहयोग मिलकर एक स्वस्थ और एनीमिया-मुक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में प्रगति को और तेज कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत एक लाख से अधिक बच्चों की नॉन-इनवेसिव एनीमिया जांच (बिना सुई चुभाए की जाने वाली जांच) की जाएगी। इसके साथ ही, 2,000 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नॉन-इनवेसिव डिवाइस के जरिए आईडीए (आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया) की जांच करने और स्वस्थ खानपान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। स्कूलों में चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए इस पहल के लगभग 2,50,000 छात्रों तक पहुँचने की उम्मीद है। इस पहल के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए एक जनहित अभियान एन्थम “इंडिया का आयरन अप करेंगे” भी जारी किया जाएगा। भारत में एनीमिया आज भी लाखों लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह पहल समय पर जांच, पोषण के प्रति बेहतर जागरूकता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है। डैनोन इंडिया विज्ञान आधारित समाधानों और निरंतर प्रयासों के जरिए भारत के पोषण एजेंडा को समर्थन देने और एक स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

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