Friday, July 3, 2026
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दिल्ली में ई-रिक्शा संचालन में इस्तेमाल हो रहे दो चीनी ऐप्स पर केंद्र का एक्शन, ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली में ई-रिक्शा के संचालन को प्रभावित करने वाले दो कथित चीनी मोबाइल एप्लीकेशन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि BAT-BMS नाम के इन दोनों ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा को दूर से नियंत्रित करने या रोकने के लिए किया जा रहा था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित ऐप्स को ऐप स्टोर से हटवा दिया गया है और सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार को हाल ही में इन दोनों ऐप्स के बारे में जानकारी मिली थी। प्रारंभिक जांच के बाद तत्काल कदम उठाते हुए इन्हें ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए गए, जिस पर अमल भी कर लिया गया है।

आईटी सचिव ने दी आधिकारिक जानकारी

सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा, “यह सही है कि कुछ ऐप्स के बारे में हमें जानकारी मिली थी और उन दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल ऐप हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एप्लीकेशन की नियमित निगरानी करें और ऐसे किसी भी ऐप को स्थान न दें, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक हित या उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता हो।

ऐप स्टोर की जिम्मेदारी पर जोर

एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार इस मामले को ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों के समक्ष भी उठाएगी। उनका कहना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी प्रकार के हानिकारक, संदिग्ध या नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐप आम लोगों के लिए उपलब्ध न हों।

उन्होंने कहा कि तकनीकी कंपनियों को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही ऐसी मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे संदिग्ध एप्लीकेशन समय रहते चिन्हित किए जा सकें।

क्या है BAT-BMS ऐप का मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार BAT-BMS नाम के इन ऐप्स का संबंध ई-रिक्शा में उपयोग होने वाली बैटरी मैनेजमेंट प्रणाली (Battery Management System) से बताया जा रहा है। आरोप है कि इन ऐप्स की मदद से ई-रिक्शा की बैटरी या उसके संचालन को दूर से नियंत्रित किया जा सकता था। यदि किसी वाहन का संचालन बिना चालक की अनुमति के प्रभावित किया जा सके, तो इससे न केवल वाहन मालिक बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

हालांकि सरकार ने अभी तक इन ऐप्स की तकनीकी कार्यप्रणाली, उनके डेवलपर या संभावित सुरक्षा जोखिमों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कर रही हैं।

साइबर सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इस घटना ने एक बार फिर विदेशी मूल के मोबाइल एप्लीकेशन और इंटरनेट आधारित उपकरणों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट से जुड़े वाहनों और स्मार्ट डिवाइस के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

यदि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म या ऐप के माध्यम से वाहन की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया जा सकता है, तो यह केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का भी विषय बन जाता है। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई करना आवश्यक माना जाता है।

सरकार की डिजिटल निगरानी होगी और मजबूत

सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार भविष्य में ऐसे मोबाइल एप्लीकेशन की निगरानी और अधिक सख्ती से कर सकती है, जो महत्वपूर्ण सेवाओं, परिवहन व्यवस्था या संवेदनशील डिजिटल प्रणालियों से जुड़े हों। सरकार पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा से जुड़े मामलों में कई विदेशी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऐप डेवलपर्स और नियामक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से ही इस प्रकार के जोखिमों को कम किया जा सकता है। साथ ही उपयोगकर्ताओं को भी केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप्लीकेशन डाउनलोड करने और समय-समय पर अपने डिवाइस को अपडेट रखने की सलाह दी जाती है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल BAT-BMS नाम के दोनों ऐप्स को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में कोई और संदिग्ध ऐप या तकनीकी खामी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी और तकनीकी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ऐप स्टोर संचालकों, तकनीकी कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के हानिकारक एप्लीकेशन को समय रहते रोका जा सके।

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