नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसकी आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग का यह बयान नए कार्य आवंटन आदेश जारी होने के एक दिन बाद आया है। नए आदेश में सीमा खन्ना को सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग के बजाय डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखा गया है। इस बदलाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए आयोग ने कहा कि रिपोर्टिंग अथॉरिटी पहले की तरह ही बनी हुई है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण के बाद कार्य आवंटन और प्रशासनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था के बीच अंतर को लेकर चर्चा सामने आई है। दरअसल, नए आदेश में सीमा खन्ना को जिस अधिकारी के चार्ज में रखा गया है, उसे लेकर यह सवाल उठ सकता था कि क्या उनके प्रशासनिक कामकाज और रिपोर्टिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। आयोग ने अपने बयान में इसी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि आईटी महानिदेशक की रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
नए कार्य आवंटन आदेश के बाद आया बयान
चुनाव आयोग ने बुधवार को नया कार्य आवंटन जारी किया था। इसी आदेश के तहत आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना को सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग की बजाय डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखा गया। आदेश सामने आने के बाद आयोग की प्रशासनिक व्यवस्था में हुए इस बदलाव को लेकर सवाल उठने लगे।
इसके अगले ही दिन गुरुवार को आयोग ने स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस तरह आयोग ने कार्य आवंटन में किए गए बदलाव और रिपोर्टिंग अथॉरिटी को अलग-अलग प्रशासनिक पहलू बताते हुए अपनी स्थिति सामने रखी।
हालांकि, आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद भी यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी अधिकारी को किसी दूसरे अधिकारी के चार्ज में रखने और उसकी रिपोर्टिंग अथॉरिटी बदलने में अंतर होता है। कार्य आवंटन का संबंध किसी अधिकारी को सौंपे गए काम या प्रशासनिक जिम्मेदारी से हो सकता है, जबकि रिपोर्टिंग अथॉरिटी यह निर्धारित करती है कि संबंधित अधिकारी किस प्राधिकारी के प्रति अपनी आधिकारिक रिपोर्टिंग करता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सीमा खन्ना के मामले में रिपोर्टिंग अथॉरिटी पहले जैसी ही है।
सीमा खन्ना की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट
सीमा खन्ना चुनाव आयोग में आईटी महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। आयोग की आईटी व्यवस्था चुनाव से जुड़ी विभिन्न तकनीकी और डिजिटल प्रक्रियाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस पद पर तैनात अधिकारी की प्रशासनिक जिम्मेदारियों और रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर जारी किसी भी आदेश पर ध्यान जाना स्वाभाविक है।
नए कार्य आवंटन में सीमा खन्ना को प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखे जाने का उल्लेख किया गया था। इससे यह सवाल पैदा हुआ कि क्या उनके कामकाज की रिपोर्टिंग व्यवस्था भी बदल दी गई है। आयोग ने गुरुवार को दिए गए स्पष्टीकरण में इस आशंका को दूर करने की कोशिश की और कहा कि रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस बयान के बाद फिलहाल आयोग की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नए कार्य आवंटन को रिपोर्टिंग अथॉरिटी में परिवर्तन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में रिपोर्टिंग अथॉरिटी के नाम या पहले से लागू व्यवस्था का विस्तृत विवरण नहीं दिया है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही स्पष्ट है कि सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग अथॉरिटी में बदलाव नहीं किया गया है।
मनीष गर्ग और प्रकाश राज पुरोहित का उल्लेख
इस पूरे मामले में सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग और डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित के नाम सामने आए हैं। बुधवार को जारी कार्य आवंटन के अनुसार सीमा खन्ना को मनीष गर्ग की बजाय प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखा गया। यही बदलाव इस मामले में चर्चा का प्रमुख कारण बना।
कार्य आवंटन से जुड़ा आदेश प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के निर्धारण का माध्यम होता है। इसमें किसी अधिकारी को किसी विशेष कार्य या विभागीय जिम्मेदारी के तहत रखा जा सकता है। लेकिन इससे यह जरूरी नहीं हो जाता कि संबंधित अधिकारी की रिपोर्टिंग अथॉरिटी भी बदल गई हो। चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में इसी बिंदु पर जोर दिया है।
आयोग के बयान के मुताबिक, सीमा खन्ना को नए कार्य आवंटन में प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखे जाने के बावजूद उनकी रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस तरह आयोग ने आदेश को लेकर पैदा हुई संभावित गलतफहमी को दूर करने का प्रयास किया है।
चुनाव आयोग की प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्टता जरूरी
चुनाव आयोग देश में चुनाव प्रक्रिया के संचालन और निगरानी की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाता है। इसके कामकाज में विभिन्न विभागों और अधिकारियों की भूमिका होती है। चुनाव संबंधी प्रशासनिक कार्यों के साथ तकनीकी व्यवस्था भी आयोग की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में अलग-अलग पदों पर तैनात अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण आवश्यक होता है।
आईटी विभाग की जिम्मेदारी के लिहाज से महानिदेशक का पद महत्वपूर्ण है। चुनावी प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इस विभाग से जुड़े कामकाज का महत्व भी बढ़ा है। ऐसे में आईटी महानिदेशक के कार्य आवंटन और रिपोर्टिंग व्यवस्था से जुड़ी जानकारी प्रशासनिक पारदर्शिता के नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है।
किसी अधिकारी के कार्य आवंटन में बदलाव होने पर यह जरूरी है कि उससे जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की स्थिति भी स्पष्ट रहे। इससे विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं बनती। चुनाव आयोग का गुरुवार का स्पष्टीकरण इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
एक दिन के भीतर आयोग ने दी सफाई
इस मामले में घटनाक्रम बुधवार और गुरुवार के बीच सामने आया। बुधवार को चुनाव आयोग ने नया कार्य आवंटन जारी किया, जिसमें सीमा खन्ना को मनीष गर्ग की बजाय प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखा गया। इसके बाद गुरुवार को आयोग ने स्पष्ट किया कि उनकी रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दोनों घटनाओं के बीच एक दिन का अंतर होने के कारण आयोग का स्पष्टीकरण नए आदेश को लेकर उठे सवालों के जवाब के तौर पर सामने आया। आयोग ने अपने बयान में रिपोर्टिंग अथॉरिटी में बदलाव की बात को खारिज किया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में सीमा खन्ना के पद में किसी बदलाव या उनकी रिपोर्टिंग व्यवस्था में नई अथॉरिटी नियुक्त किए जाने की बात सामने नहीं आई है। आयोग ने केवल यह स्पष्ट किया है कि नए कार्य आवंटन के बावजूद रिपोर्टिंग अथॉरिटी पहले जैसी ही रहेगी।
क्या है पूरे मामले का महत्व?
इस घटनाक्रम का मुख्य पहलू यह है कि कार्य आवंटन में बदलाव और रिपोर्टिंग अथॉरिटी में बदलाव को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने नए आदेश के बाद पैदा हुई स्थिति पर स्पष्टीकरण देकर यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि सीमा खन्ना के मामले में रिपोर्टिंग व्यवस्था यथावत है।
प्रशासनिक संस्थाओं में अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन जब किसी आदेश में एक अधिकारी को दूसरे अधिकारी के चार्ज में रखने का उल्लेख होता है, तो उससे जिम्मेदारी और रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में संबंधित संस्था की ओर से समय पर स्पष्टीकरण देना महत्वपूर्ण होता है।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को अपने बयान के जरिए यही स्पष्ट किया कि आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग अथॉरिटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बुधवार को जारी कार्य आवंटन आदेश में उन्हें प्रकाश राज पुरोहित के चार्ज में रखे जाने का उल्लेख जरूर है, लेकिन आयोग के अनुसार इससे उनकी रिपोर्टिंग अथॉरिटी प्रभावित नहीं हुई है।
इस प्रकार फिलहाल आयोग की ओर से इस मामले में स्थिति साफ कर दी गई है। नए कार्य आवंटन और रिपोर्टिंग अथॉरिटी को लेकर उठे सवालों के बीच आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में दोनों के बीच अंतर स्पष्ट किया है।



