नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। चार मुकाबलों के बाद सीरीज 2-2 की बराबरी पर है। ऐसे में दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का मौका है। भारतीय टीम घरेलू मैदान पर खिताब अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी, जबकि वेस्टइंडीज की नजर भारत में पहली बार द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतने पर होगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। शुरुआती मैचों में बढ़त बनाने के बाद टीम इंडिया को चौथे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। अब आखिरी मैच में जीत हासिल करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की टीम पिछले मुकाबले में मिली जीत से उत्साहित होगी और सीरीज अपने नाम करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।
पहले और तीसरे मैच में भारत ने मारी बाजी
सीरीज का पहला मुकाबला भारत के नाम रहा था। भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर शानदार शुरुआत की थी। इस जीत के बाद टीम इंडिया का आत्मविश्वास बढ़ा, लेकिन वेस्टइंडीज ने दूसरे मुकाबले में वापसी करते हुए भारत को छह विकेट से हराकर सीरीज में बराबरी कर ली। तीसरे मैच में भारतीय टीम ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया और वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर सीरीज में बढ़त बना ली। इस जीत के साथ भारत ने विरोधी टीम पर दबाव बनाया था। हालांकि, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने जोरदार वापसी की। हैदराबाद में खेले गए मैच में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज को 2-2 से बराबर कर दिया और निर्णायक मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी भी होगी अहम
इस सीरीज में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कई मौकों पर बड़े स्कोर बनाए हैं। ऐसे में पांचवें मुकाबले में भी बल्लेबाजों से आक्रामक प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। हालांकि, निर्णायक मैच में सिर्फ रन बनाना ही नहीं, बल्कि सही समय पर विकेट लेना भी जीत की दिशा तय कर सकता है। भारतीय टीम के सामने गेंदबाजी में सुधार करने की चुनौती होगी। चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने बड़ा स्कोर खड़ा किया था और भारतीय गेंदबाज उसे रोकने में सफल नहीं रहे। ऐसे में अंतिम मैच में गेंदबाजों की लाइन और लेंथ, शुरुआती ओवरों में विकेट लेने की क्षमता और डेथ ओवरों में रन रोकने की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।



