नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम में मंगलवार को बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ। लंबे समय से टीम की कप्तानी संभाल रहीं हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान नियुक्त कर दिया है। बीसीसीआई ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर मंधाना की नियुक्ति का ऐलान किया। बोर्ड के मुताबिक, वह अब टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी और भारतीय महिला क्रिकेट नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगा।
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी से हटना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने लंबे समय तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान भारतीय महिला क्रिकेट ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। खास तौर पर 2025 में भारत को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताने वाली कप्तान के रूप में हरमनप्रीत का नाम इतिहास में दर्ज हो चुका है। अब उनके स्थान पर स्मृति मंधाना को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना भारतीय क्रिकेट के एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
हरमनप्रीत ने भावुक संदेश के साथ छोड़ी कप्तानी
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। उनके मुताबिक, कप्तानी के सफर में वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई ऐसे पल जुड़े हैं, जिन्हें वह जीवनभर याद रखेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी छोड़ने के बावजूद भारतीय टीम के लिए उनका सफर जारी रहेगा और वह खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।
हरमनप्रीत के इस फैसले के बाद बीसीसीआई ने भी उनके नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट में योगदान को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया। बोर्ड ने कहा कि हरमनप्रीत ने भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके नेतृत्व में टीम ने कई ऐतिहासिक पड़ाव हासिल किए। बीसीसीआई ने उनके योगदान के लिए आभार जताया है।
विश्व कप जीतने वाली कप्तान के रूप में बनाया इतिहास
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 का महिला वनडे विश्व कप रहा। भारत ने घरेलू सरजमीं पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता और हरमनप्रीत उस ऐतिहासिक टीम की कप्तान थीं। इस उपलब्धि ने भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में उनके नेतृत्व को विशेष स्थान दिलाया।
हरमनप्रीत ने टी20 क्रिकेट में लंबे समय तक भारतीय टीम की कमान संभाली। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली थी और बाद में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद 2022 में वनडे और टेस्ट टीम की भी पूर्णकालिक कप्तान बनीं। उनके नेतृत्व में टीम ने एशिया कप और एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
आंकड़ों की बात करें तो हरमनप्रीत ने भारत की ओर से पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। वह महिला क्रिकेट में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सबसे ज्यादा कप्तानी करने वाली खिलाड़ियों में प्रमुख स्थान रखती हैं।
अब स्मृति मंधाना के हाथों में टीम की कमान
हरमनप्रीत के बाद स्मृति मंधाना को कप्तानी सौंपने का फैसला बीसीसीआई ने मंगलवार को किया। मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख खिलाड़ियों में लंबे समय से शामिल रही हैं और वह 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उन्होंने नेतृत्व का अनुभव हासिल किया है।
बीसीसीआई के अनुसार, स्मृति मंधाना ने अब तक भारत के लिए 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय और चार वनडे मैचों में कप्तानी की है। इसके अलावा घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उनके नेतृत्व का अनुभव रहा है। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को महिला प्रीमियर लीग में 2024 और 2026 में खिताब दिलाने में नेतृत्व किया। ऐसे में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी के लिए उनके पास पहले से नेतृत्व का अनुभव मौजूद है।
मंधाना के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय महिला टीम की कप्तानी संभालने के बाद स्मृति मंधाना के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। टीम को हाल के वर्षों में मिली सफलताओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना भी उनके नेतृत्व की बड़ी चुनौती होगी।
हरमनप्रीत के कार्यकाल में टीम ने कई बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल की। अब मंधाना के नेतृत्व में भारतीय टीम से इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने की उम्मीद होगी। कप्तान के तौर पर उन्हें टीम के अनुभवी खिलाड़ियों और युवा क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
मंधाना खुद लंबे समय से भारतीय टीम की महत्वपूर्ण बल्लेबाज रही हैं। ऐसे में कप्तानी और बल्लेबाजी की दोहरी जिम्मेदारी उनके सामने होगी। हालांकि घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नेतृत्व का अनुभव उन्हें इस नई भूमिका में मदद कर सकता है।
भारतीय महिला क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत
स्मृति मंधाना की नियुक्ति को भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है। हरमनप्रीत कौर के लंबे कप्तानी कार्यकाल के बाद अब टीम की कमान एक ऐसी खिलाड़ी को मिली है जो वर्षों से टीम के साथ रही हैं और ड्रेसिंग रूम की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह परिचित हैं।
बीसीसीआई ने कहा है कि मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में पहले से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। बोर्ड का मानना है कि उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता टीम को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगी।
हालांकि एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणा में मंधाना को फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान बताया गया है। यानी उनकी मुख्य स्थायी कप्तानी जिम्मेदारी वनडे और टी20 क्रिकेट में होगी। इसलिए इसे सीधे तौर पर तीनों फॉर्मेट की स्थायी कप्तानी के रूप में लिखने के बजाय बीसीसीआई की आधिकारिक भाषा के अनुसार व्हाइट-बॉल कप्तानी कहना अधिक सटीक है।
हरमनप्रीत खिलाड़ी के तौर पर रहेंगी टीम का हिस्सा
कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत कौर भारतीय टीम से अलग नहीं हुई हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह खिलाड़ी के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रहेंगी। उनका अनुभव अब टीम के लिए एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में महत्वपूर्ण होगा।
नई कप्तान स्मृति मंधाना के लिए हरमनप्रीत का अनुभव भी उपयोगी हो सकता है। लंबे समय तक टीम की कमान संभाल चुकी हरमनप्रीत भारतीय ड्रेसिंग रूम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव और बड़े मुकाबलों की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में उनका अनुभव टीम के नए नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है।
इस तरह भारतीय महिला क्रिकेट में मंगलवार को एक युग का अंत और नए नेतृत्व की शुरुआत हुई। हरमनप्रीत कौर ने लंबे कप्तानी सफर के बाद जिम्मेदारी छोड़ी, जबकि स्मृति मंधाना को अब टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी मिली है। हरमनप्रीत का कप्तानी कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में विश्व कप जीत जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा। वहीं अब नजरें स्मृति मंधाना के नेतृत्व पर होंगी कि वह टीम को आने वाले मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंट में किस तरह आगे ले जाती हैं।



