प्रयागराज। शहर में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार अगस्त 2026 से मेट्रो ट्रैक निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। परियोजना के तहत मेट्रो सेवा को एयरपोर्ट एवं प्रस्तावित रोप-वे क्षेत्र तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे शहर की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। कुल नेटवर्क को 44 किलोमीटर से बढ़ाकर लगभग 60 किलोमीटर करने तथा 6 नए मेट्रो स्टेशनों के निर्माण की योजना है। करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना बमरौली से सिटी लेक झूंसी (23 किमी से बढ़ाकर 39 किमी) तथा शांतिपुरम से छिवकी (21 किमी) रूट पर संचालित होगी।
मेट्रो विस्तार की संभावनाओं के बीच शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में हलचल तेज हुई है। विशेष रूप से जीटी रोड और बमरौली क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ती देखी जा रही है। इसी क्षेत्र में स्थित नवयुग स्मार्ट मिनी सिटी प्रोजेक्ट हाल के दिनों में चर्चा में रहा है, जहां आईआरए टावर का लॉन्च किया गया है। प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी के कारण इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स को लेकर निवेशकों का झुकाव बढ़ा है।
नवयुग स्मार्ट मिनी सिटी के बिजनेस हेड डॉ. अनुपम सिंह भंडारी के अनुसार मेट्रो और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलने की संभावना है और बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।
प्रोजेक्ट में 2 बीएचके एवं 2 बीएचके + स्टडी आवासीय इकाइयां, जीटी रोड पर लोकेशन, प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन की निकटता तथा गेटेड डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इस बीच, 8 से 12 अप्रैल तक आयोजित Consumex Exhibition 2026 में भी रियल एस्टेट से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर लोगों की भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार, मेट्रो परियोजना से जुड़ी खबरों के बाद आवासीय प्रोजेक्ट्स के प्रति लोगों की रुचि में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें जीटी रोड क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स को विशेष ध्यान मिला।
👉 निष्कर्ष: मेट्रो विस्तार की योजनाओं के साथ प्रयागराज में शहरी विकास को गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में रियल एस्टेट निवेश को लेकर संभावनाएं बढ़ती नजर आ रही हैं।



