लखीमपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने संत असंग साहब के 60वें जन्मोत्सव पर आयोजित आध्यात्मिक सम्मेलन में जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद और वंशवाद छोड़कर राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने की अपील की। कबीरधाम, मुस्तफाबाद में आयोजित इस सम्मेलन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर लोग मोदी-योगी को छोड़ देंगे तो माथे पर टीका भी नहीं बचेगा। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी के संदर्भ में भी सरकार के कामकाज का जिक्र किया।
इस आध्यात्मिक सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने धार्मिक और आध्यात्मिक संदर्भों के साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उनके संबोधन में राष्ट्रवाद, सामाजिक एकता, सुरक्षा और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की भूमिका प्रमुख रूप से शामिल रही।
जातिवाद से ऊपर राष्ट्रवाद को रखने की अपील
सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने लोगों से जातिवाद की सोच से बाहर निकलने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद को जातिवाद से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। मंत्री ने जातिवाद के साथ क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद और वंशवाद को भी छोड़ने की बात कही।
उन्होंने लोगों से कहा कि सभी को इन पहचानों और विचारों से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके अनुसार, देश और राष्ट्र के हित को सबसे पहले रखा जाना चाहिए।
स्वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “मित्रों, सभी को छोड़ देना। जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद, वंशवाद सभी को छोड़ देना। एक ही बात देखना- राष्ट्रवाद।”
मंत्री के इस बयान में सामाजिक विभाजनों से ऊपर राष्ट्रीय पहचान को रखने का संदेश दिया गया। हालांकि, उन्होंने यह बात एक ऐसे कार्यक्रम में कही, जहां आध्यात्मिक आयोजन के साथ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी थी। उनके भाषण में सरकार और राजनीतिक नेतृत्व का उल्लेख होने के कारण संबोधन का एक हिस्सा राजनीतिक चर्चा से भी जुड़ गया।
मोदी और योगी का जिक्र कर कही यह बात
स्वतंत्र देव सिंह ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्होंने मोदी-योगी को छोड़ दिया तो माथे पर टीका नहीं बचेगा।
मंत्री ने आगे कहा, “अगर आज आप सुरक्षित महसूस करते हो तो ये योगी आदित्यनाथ की देन है।”
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रदेश में सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की भूमिका को रेखांकित किया। उनका कहना था कि लोगों की सुरक्षा और धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
हालांकि, यह स्वतंत्र देव सिंह का राजनीतिक बयान था। उनके संबोधन में सुरक्षा को लेकर किए गए दावों के समर्थन में कोई अलग आंकड़ा या विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस टिप्पणी को मंत्री के वक्तव्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी का किया उल्लेख
अपने संबोधन में स्वतंत्र देव सिंह ने विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी का भी जिक्र किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी का बच्चा वहां फंस जाता है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे वापस हिंदुस्तान लाते हैं।
इस उदाहरण के माध्यम से मंत्री ने विदेशों में भारतीय नागरिकों की सहायता और उनकी सुरक्षित वापसी के संदर्भ में केंद्र सरकार की भूमिका को सामने रखा। उनका बयान इस बात पर केंद्रित था कि विदेश में किसी भारतीय के संकट में फंसने की स्थिति में सरकार की मदद महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, भाषण में ऑस्ट्रेलिया में फंसे किसी विशेष व्यक्ति या घटना का विवरण नहीं दिया गया। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री किस खास मामले का उल्लेख कर रहे थे। उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके बयान को विदेशों में भारतीयों की वापसी के संबंध में सरकार की भूमिका पर उनकी टिप्पणी के रूप में देखा जा सकता है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी बोले मंत्री
स्वतंत्र देव सिंह ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में रात के 12 बजे भी मां-बेटी सुरक्षित होकर आती-जाती हैं।
मंत्री की इस टिप्पणी का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में सरकार के कामकाज को रेखांकित करना था। उन्होंने सुरक्षा के मुद्दे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से जोड़ते हुए कहा कि लोगों के सुरक्षित महसूस करने के पीछे उनकी सरकार की भूमिका है।
महिलाओं की सुरक्षा उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इस संबंध में स्थिति का आकलन करने के लिए अपराध के आंकड़े, दर्ज मामलों की प्रकृति, पुलिस कार्रवाई और अन्य आधिकारिक विवरणों को देखना आवश्यक होता है। सम्मेलन में मंत्री ने सुरक्षा को लेकर अपना पक्ष रखा, लेकिन उपलब्ध जानकारी में उनके दावे के समर्थन में विस्तृत आंकड़े शामिल नहीं हैं।
इसलिए उनके बयान को सरकार की सुरक्षा संबंधी उपलब्धियों पर मंत्री के दावे के रूप में समझा जाना चाहिए।
श्रीनगर में तिरंगे का किया जिक्र
राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने श्रीनगर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि लोग राष्ट्रवाद को प्राथमिकता नहीं देंगे तो श्रीनगर के चौक पर तिरंगा नहीं लहराएगा।
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रवाद को देश की एकता तथा राष्ट्रीय पहचान से जोड़कर पेश किया। उनके भाषण में तिरंगे का उल्लेख राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में किया गया।
मंत्री ने अपने संबोधन में लोगों से जाति, क्षेत्र, परिवार और व्यक्ति आधारित राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। उनके अनुसार, समाज में राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस तरह उनके भाषण का केंद्रीय संदेश राष्ट्रवाद को अन्य सामाजिक और राजनीतिक पहचानों से ऊपर रखने पर केंद्रित रहा।
आध्यात्मिक सम्मेलन में राजनीतिक संदेश
संत असंग साहब के 60वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में आध्यात्मिक कार्यक्रम के साथ राजनीतिक विषय भी चर्चा में रहे। स्वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था, महिला सुरक्षा, विदेशों में भारतीयों की सहायता और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को उठाया।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। ऐसे में सम्मेलन में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी रही।
स्वतंत्र देव सिंह के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख प्रमुखता से हुआ। उन्होंने सरकार की भूमिका को सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ते हुए लोगों से राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने की अपील की।
कुल मिलाकर, मंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को महत्व देना रहा। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और विदेशों में भारतीयों की सहायता को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार की भूमिका का उल्लेख किया। उनके बयान में आध्यात्मिक कार्यक्रम के बीच राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।



