Tuesday, October 27, 2026
No menu items!
spot_img

तरुण चुग का कांग्रेस पर हमला, बोले- पाकिस्तान की सेना की PRO की भूमिका निभा रही पार्टी

अहमदाबाद। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी के बाद गुजरात में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और गुजरात प्रभारी तरुण चुग ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की भूमिका निभा रही है। वहीं, गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कांग्रेस पर देश के युवाओं को गुमराह करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

सोमवार को गांधीनगर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा ने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि कांग्रेस ने अपने नेताओं से जुड़े जमीन विवाद के आरोपों को लेकर विरोध जताया। दोनों दलों के प्रदर्शनों के बीच गुजरात में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

खरगे के बयान पर तरुण चुग ने जताई नाराजगी

गुजरात भाजपा के प्रभारी तरुण चुग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को शोभा नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की बयानबाजी में गरिमा का अभाव है और देश की जनता इस तरह की टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करेगी।

चुग ने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और विरोध हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता इस तरह की राजनीति को माफ नहीं करेगी।

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका निभाने वाली पार्टी बताया। उनका आरोप था कि कांग्रेस की राजनीति और बयानबाजी देश के हितों के अनुरूप नहीं है। हालांकि, पाकिस्तान की सेना से जुड़ी यह टिप्पणी तरुण चुग का राजनीतिक आरोप है, न कि किसी आधिकारिक संस्था की ओर से प्रमाणित निष्कर्ष।

पटना में कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद

मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद सामने आया। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर अपनी बात रख रहे थे।

इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में टिप्पणी की। इसके जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की।

इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बयान को उसके संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम में खरगे के साथ पहले अभद्र व्यवहार किया गया था और उनकी टिप्पणी उसी संदर्भ में आई थी।

इस तरह बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सम्मान से जोड़कर उठाया, जबकि कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम का संदर्भ सामने रखने की बात कही।

जगदीश विश्वकर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के युवाओं को गुमराह कर रही है और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। विश्वकर्मा ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, राजनीतिक विरोध के दौरान भी ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिससे समाज में तनाव बढ़े या लोगों के बीच गलत संदेश जाए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह युवाओं को भटकाने और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।

विश्वकर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को मुद्दा बनाकर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर बयान को लेकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।

गांधीनगर में भाजपा का प्रदर्शन

खरगे की टिप्पणी के विरोध में सोमवार को गांधीनगर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की गई और खरगे के बयान पर आपत्ति जताई गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।

भाजपा का कहना है कि देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति विरोध जताने के लिए भी भाषा की मर्यादा जरूरी है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है। भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक संवाद के स्तर में गिरावट से जोड़कर देखा।

हालांकि, इस पूरे विवाद में दोनों दलों के आरोप और जवाब सामने आए हैं। बयान को लेकर अंतिम राजनीतिक निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरे घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के वक्तव्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।

कांग्रेस ने भी किया विरोध प्रदर्शन

भाजपा के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस ने भी सोमवार को गांधीनगर में विरोध जताया। कांग्रेस का प्रदर्शन अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर और विधायक जिग्नेश मेवाणी से जुड़े जमीन विवाद के आरोपों को लेकर था। कांग्रेस ने दावा किया कि ठाकोर समाज के लोगों की करीब 150 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोशी ने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जे के प्रयास में भाजपा नेताओं और पुलिस की भूमिका रही। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को उठाया, तो उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

कांग्रेस नेताओं ने जमीन विवाद के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े आरोपों की जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति या पक्ष की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, जमीन पर कब्जे और पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस के दावे हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ा तनाव

गांधीनगर में भाजपा और कांग्रेस के अलग-अलग प्रदर्शनों ने गुजरात में दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया। भाजपा ने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को घेरा, जबकि कांग्रेस ने जमीन विवाद और अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर भाजपा पर सवाल उठाए।

भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष को प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर की गई टिप्पणी पर माफी मांगनी चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने बयान के संदर्भ को सामने रखते हुए भाजपा पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।

दोनों दलों के बीच जारी बयानबाजी में एक ओर प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर की गई टिप्पणी का विवाद है, तो दूसरी ओर जमीन विवाद से जुड़े आरोप हैं। इन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

फिलहाल गांधीनगर में हुए प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। तरुण चुग और जगदीश विश्वकर्मा के बयानों के जरिए भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज किया है। वहीं, कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा पर आरोप लगाए हैं। आगे इस विवाद में दोनों दलों की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

ताज़ा ख़बरें