नई दिल्ली। मलयालम सिनेमा की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा अध्याय अब हिंदी दर्शकों के बीच भी पहुंच गया है। मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ की रिलीज के करीब साढ़े चार महीने बाद इसी फ्रेंचाइजी की हिंदी रीमेक का तीसरा पार्ट ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ (Drishyam The Conclusion) 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। फिल्म को लेकर हिंदी दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई थी, क्योंकि ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी अपनी रहस्य, अपराध और परिवार के इर्द-गिर्द घूमती कहानी के लिए पहचानी जाती है।
‘दृश्यम’ की कहानी ने शुरुआत से ही दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई है। फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी का रहस्य और घटनाओं को देखने का नजरिया रहा है। यही वजह है कि इसके अगले हिस्से को लेकर भी दर्शकों में लगातार चर्चा बनी रही। अब तीसरे पार्ट के सिनेमाघरों में पहुंचने के साथ कहानी को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है।
हिंदी दर्शकों के लिए ‘दृश्यम’ नाम नया नहीं है। इससे पहले इस फ्रेंचाइजी की हिंदी फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म की कहानी में एक साधारण परिवार के सामने पैदा होने वाली असाधारण परिस्थिति और उससे निकलने के लिए किए जाने वाले प्रयासों को केंद्र में रखा गया था। कहानी आगे बढ़ने के साथ घटनाओं की परतें खुलती हैं और दर्शकों के सामने कई सवाल खड़े होते हैं।
‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ के नाम से ही संकेत मिलता है कि फिल्म की कहानी को एक निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। फ्रेंचाइजी के पिछले हिस्सों में जिन घटनाओं और रहस्यों ने दर्शकों को जोड़े रखा, तीसरे पार्ट को उसी कहानी के अगले अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है। फिल्म के रिलीज होने के बाद अब दर्शकों के बीच इसकी कहानी और घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है।
फिल्म फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसका क्राइम-थ्रिलर फॉर्मेट भी है। आमतौर पर इस तरह की फिल्मों में दर्शकों को शुरुआत से अंत तक कहानी के साथ जोड़कर रखने की कोशिश की जाती है। ‘दृश्यम’ में भी परिवार, अपराध, जांच और रहस्य के बीच कहानी को आगे बढ़ाया गया है। इसी वजह से फिल्म के हर नए पार्ट से दर्शकों की उम्मीदें जुड़ जाती हैं।
मोहनलाल अभिनीत मलयालम संस्करण और उसके हिंदी रीमेक के बीच रिलीज का अंतर भी इस बार चर्चा में रहा। मलयालम संस्करण की कहानी सामने आने के बाद हिंदी दर्शकों के बीच यह सवाल बना हुआ था कि हिंदी रूपांतरण किस तरह इस कहानी को प्रस्तुत करेगा। अब 2 अक्टूबर को फिल्म के सिनेमाघरों में आने के बाद दर्शकों को इसका हिंदी संस्करण देखने का मौका मिला है।
‘दृश्यम’ जैसी फ्रेंचाइजी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कहानी और उसके रहस्य की होती है। ऐसे में तीसरे पार्ट के लिए भी कहानी को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। फिल्म देखने वाले दर्शक यह जानना चाहते हैं कि पिछले हिस्सों में सामने आई घटनाओं का आगे क्या असर पड़ता है और कहानी किन नए मोड़ों से गुजरती है।
फ्रेंचाइजी फिल्मों की खासियत यह होती है कि दर्शक पहले से बने किरदारों और घटनाओं से जुड़े होते हैं। इससे नई फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ती है। वहीं नई फिल्म के सामने यह चुनौती भी रहती है कि वह पुराने हिस्सों की कहानी से जुड़ाव बनाए रखते हुए आगे की कहानी को प्रभावी ढंग से पेश करे। ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ के सामने भी इसी तरह की चुनौती है।
2 अक्टूबर को रिलीज के साथ फिल्म को सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। त्योहारी समय में रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए दर्शकों की संख्या महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में फिल्म की रिलीज के बाद आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी कहानी में परिवार को केंद्र में रखा गया है। अपराध और जांच जैसे गंभीर विषयों के बीच परिवार की सुरक्षा और रिश्तों की भूमिका कहानी को अलग आधार देती है। यही पहलू दर्शकों को किरदारों के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने में मदद करता है।
फिल्म के तीसरे पार्ट के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और फिल्म दर्शकों के बीच भी इसकी चर्चा बढ़ने की संभावना है। फ्रेंचाइजी की फिल्मों को लेकर दर्शक अक्सर कहानी के रहस्य, किरदारों और घटनाओं के बारे में अपनी राय साझा करते हैं। हालांकि कहानी के अहम हिस्सों को लेकर दर्शकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
हिंदी सिनेमा में दक्षिण भारतीय फिल्मों की रीमेक का चलन काफी समय से रहा है। कई दक्षिण भारतीय कहानियों को हिंदी दर्शकों के लिए नए कलाकारों और अलग प्रस्तुति के साथ पेश किया गया है। ‘दृश्यम’ भी इसी सिलसिले की चर्चित फ्रेंचाइजी में शामिल है। मलयालम मूल से हिंदी संस्करण तक पहुंची इस कहानी ने दोनों भाषाओं के दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।
अब तीसरे पार्ट के रिलीज होने के साथ इस फ्रेंचाइजी की कहानी एक और पड़ाव पर पहुंच गई है। 2 अक्टूबर से सिनेमाघरों में पहुंची ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ को लेकर दर्शकों की नजर इसकी कहानी, प्रस्तुति और पिछले हिस्सों से इसके जुड़ाव पर रहेगी। आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस आंकड़े बताएंगे कि तीसरे पार्ट को सिनेमाघरों में किस तरह का रिस्पॉन्स मिलता है।
फिलहाल फिल्म की रिलीज के साथ ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी एक बार फिर चर्चा में है। मोहनलाल की मलयालम फिल्म के बाद हिंदी संस्करण के तीसरे पार्ट का सिनेमाघरों में पहुंचना उन दर्शकों के लिए खास मौका है, जो इस कहानी को हिंदी में आगे देखना चाहते हैं। फ्रेंचाइजी के पिछले अध्यायों से जुड़े दर्शकों के लिए अब तीसरे पार्ट की कहानी आगे की घटनाओं और रहस्यों का नया अध्याय पेश करती है।



