लखनऊ। गोलागंज स्थित मस्जिद मीर हैदर हुसैन में अक्सा ट्रस्ट की जानिब से चल रही तीन दिवसीय मजलिस बुधवार को संपन्न हो गयी। आखिरी मजलिस को मौलाना अली अब्बास खान ने खिताब किया। मजलिस का आगाज़ मौलाना कौकब ने तिलावत ए कुरान ए पाक से किया। उसके बाद शोराय कराम मोहम्मद हैदर और नायाब ने अशार पेश किए।
तीन दिवसीय मजलिसों को मौलाना ने मस्जिद मरकज़ है उनवान से खिताब किया। अपने संबोधन में मौलाना अली अब्बास खान ने क़ुरान की आयत पढ़ कर कहा की अल्लाह की मस्जिद को वही आबाद कर सकता है जो परवरदिगार पर ईमान रखता हो और ईमान भी ज़बानी न हो बल्कि ईमान क्लबीं हो और ऐसा क्लबीं राब्ता हो जैसे जैसे परवरदिगार कहता जाए वैसे वैसे इंसान अमल करता जाए।
ख़त्मे फ़ज़ायल और रब्ते मसाएब मौलाना ने कर्बला के नौजवानो के सरदार जनाबे अली अकबर अ०स० के बयान करे। मजलिस के बाद मातमी अंजुमन कुल्ले मोमीन ने नौहाख्वानी व सीनाजनी के साथ शाहबीहे ताबूत जनाबे अली अकबर अ०स० और अलम गाज़ी अब्बास अ०स० बरामत किया। तो वही कसीर तादाद में मौजूद अजादारो ने नम आंखों से पुरसा पेश किया। वही अमीनाबाद स्थित पड़ाइन की मस्जिद में चल रही पांच दिवसीय खमसा-ए-मजलिस की चौथी मजलिस को मौलाना मीसम ज़ैदी ने खिताब किया।



