*छोटे इमामबाड़े में ‘याद-ए-सकीना’ का आयोजन*
*मोहर्रम के आखिरी रविवार को उमड़े अज़ादार*
36 वर्षों से जारी है यह परंपरा
मजलिस में बयान हुए जनाबे सकीना (स.अ.) के मसाइब
आबिद-ए-बीमार के ग़म में नम हुईं आंखें
अलम, ताबूत, झूले और ज़ुल्जनाह की ज़ियारत
कैदखाने की प्रतीकात्मक ज़ियारत ने भावुक किया
अंजुमन-ए-गुलज़ार-ए-पंजतन का आयोजन
लखनऊ समेत कई इलाकों से पहुंचे अज़ादार
अहलेबैत (अ.स.) को पेश किया पुरसा



