लखनऊ। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय पर्वतीय महासभा के प्रधान कार्यालय में भव्य ध्वजारोहण एवं स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में महासभा के पदाधिकारियों, सदस्यों, बच्चों एवं क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी, मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक श्री पान सिंह भंडारी, मुख्य संयोजक श्री दया कृष्ण डालाकोटी, संयोजक श्री मोहन सिंह बिष्ट, सांस्कृतिक मंत्री श्री गिरीश चंद्र जोशी, सांस्कृतिक सलाहकार श्री राजू त्रिपाठी ‘चंचल’ एवं महासचिव श्री ओम प्रकाश उप्रेती सहित महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा।
राष्ट्र निर्माण और संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली संस्कृति की रक्षा करते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना चाहिए।
मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक श्री पान सिंह भंडारी ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना मजबूत हो। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य संयोजक श्री दया कृष्ण डालाकोटी ने कहा कि हमारी पर्वतीय संस्कृति, परंपराएं और संस्कार हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
संयोजक श्री मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हम अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करें और समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहें।
सांस्कृतिक मंत्री श्री गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृति किसी भी समाज की आत्मा होती है। लोकभाषा, लोकगीत, लोककला एवं पर्वतीय परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
सांस्कृतिक सलाहकार श्री राजू त्रिपाठी ‘चंचल’ ने देशभक्ति एवं संस्कृति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत हमारी जड़ों को मजबूत करती है। उन्होंने बच्चों एवं युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
महासचिव श्री ओम प्रकाश उप्रेती ने कहा कि भारतीय पर्वतीय महासभा सामाजिक एकता, सेवा एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री बलवंत सिंह देवड़ी, श्री किशन सिंह बिष्ट, श्रीमती माया जोशी, श्रीमती कमला भंडारी, श्रीमती नमिता भंडारी एवं श्री महिपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य सदस्यों ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रसेवा, सामाजिक एकता एवं संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बच्चों की सहभागिता रही विशेष आकर्षण
समारोह में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने देशभक्ति के नारों के साथ पूरे उत्साह से कार्यक्रम में सहभागिता की। उनके उत्साह ने समारोह के वातावरण को और अधिक जीवंत एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
अंत में भारतीय पर्वतीय महासभा की ओर से सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, बच्चों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने उपस्थित सभी लोगों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव, सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।



