लखनऊ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मन की मजबूती जितनी जरूरी है, उतनी ही अहमियत शारीरिक स्वास्थ्य की भी है। इसी सोच के साथ अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ की ओर से ‘राइज एबव: ए डायलॉग ऑन इनर स्ट्रेंथ’ सत्र आयोजित किया गया। आध्यात्मिक मार्गदर्शक और वक्ता सिस्टर बीके शिवानी ने आंतरिक शक्ति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में अपोलोमेडिक्स के एमडी एवं सीईओ डॉ. मयंक सोमानी और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के ऑन्कोलॉजी नेटवर्क के सीईओ एवं क्लिनिकल हेड डॉ. हरित चतुर्वेदी ने थायरॉइड, आईसीयू देखभाल और कैंसर जैसे स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी और कार्यकारिणी समिति की सहभागिता से किया।
इस अवसर पर सिस्टर बीके शिवानी ने कहा, “जीवन में परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुकूल हों, यह जरूरी नहीं है, लेकिन हर परिस्थिति में अपने मन को शांत रखना और सही दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना हमारे हाथ में है। जब हम अपने विचारों और भावनाओं को समझना सीखते हैं, तो कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर पाते हैं। वास्तविक शक्ति बाहरी परिस्थितियों को बदलने में ही नहीं, बल्कि अपने भीतर ऐसी स्थिरता विकसित करने में भी है, जो हमें हर चुनौती से उबरने की प्रेरणा देती है।”
कार्यक्रम में अपोलोमेडिक्स के एमडी एवं सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने थायरॉइड की समस्याओं की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच और गंभीर मरीजों की देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “कई बार लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक उनका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने न लगे। थायरॉइड जैसी समस्याओं में समय पर जांच और उचित उपचार जरूरी है। वहीं, गंभीर मरीजों के इलाज में आईसीयू की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, जहां विशेषज्ञों की टीम मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखती है और जरूरत के अनुसार तुरंत उपचार उपलब्ध कराती है। सही समय पर सही चिकित्सा देखभाल मरीज के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।”
डॉ. हरित चतुर्वेदी ने कैंसर के प्रति जागरूकता और समय पर जांच की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कैंसर के इलाज में बीमारी की पहचान, उसका प्रकार और अवस्था महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर जांच होने से इलाज के विकल्पों पर सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। शरीर में किसी असामान्य बदलाव या लगातार बने रहने वाले लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।”
एफएलओ लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी ने कहा, “ऐसे आयोजन लोगों को जीवन की चुनौतियों को नए नजरिये से देखने और अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने का अवसर देते हैं। आध्यात्मिक विचारों के साथ स्वास्थ्य जैसे जरूरी विषयों पर चर्चा भी लोगों को जागरूक बनाने में मदद करती है। हमारा प्रयास है कि ऐसे संवाद लोगों को अपने जीवन और स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएं।
कार्यक्रम में मानसिक मजबूती और स्वास्थ्य के बीच संबंध पर भी ध्यान दिया गया। सत्र का उद्देश्य लोगों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।



