बाराबंकी:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान “जो सनातन है, वही समाजवाद है” पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सामाजिक एवं धार्मिक नेता अखलाक नदवी ने कहा है कि यदि समाजवादी पार्टी का विचार यही है कि सनातन ही वास्तविक समाजवाद है, तो फिर इस पार्टी में मुसलमानों और अन्य गैर-सनातन वर्गों की स्थिति क्या रह जाती है। उन्होंने मांग की कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे, ताकि किसी भी वर्ग में भ्रम या असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।
अखलाक नदवी ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी स्वयं को सभी वर्गों की प्रतिनिधि पार्टी बताती है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि उसका विचार केवल सनातन पहचान तक सीमित है या वह भारतीय संविधान की भावना के अनुरूप सभी धर्मों और समुदायों को समान दर्जा देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी की इस परिभाषा में मुसलमान भी शामिल हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को धर्म, जाति और आस्था से ऊपर उठकर समान अधिकार प्रदान करता है। इसलिए राजनीतिक दलों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनसे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो या किसी वर्ग में अपनी राजनीतिक पहचान को लेकर आशंका पैदा हो।
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव के इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक वर्गों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह अपने दृष्टिकोण की स्पष्ट व्याख्या करे, ताकि जनता के मन में उठ रहे सवालों का उचित उत्तर मिल सके।



