कानपुर। स्थानीय भाषा, लोक संस्कृति और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘द ठलुआगीरी’ टैलेंट शो के ऑडिशन प्रदेश के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं। शो के माध्यम से कविता, शायरी, कॉमेडी, अभिनय, गायन समेत अलग-अलग विधाओं में प्रतिभा रखने वाले कलाकारों को मंच देने की पहल की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि कई प्रतिभाशाली कलाकार संसाधनों और उचित अवसर के अभाव में बड़े मंच तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे कलाकारों को पहचान दिलाना ही कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रशस्ति फाउंडेशन के संस्थापक, अंतरराष्ट्रीय कवि एवं फिल्म निर्माता डॉ. कुमार मनोज ने आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि ‘द ठलुआगीरी’ को मल्टीटैलेंट प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। इसमें प्रतिभागियों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि ऑडिशन के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में ‘द ठलुआगीरी’ का दूसरा ऑडिशन 17 अक्टूबर को कानपुर में आयोजित किया जाएगा। ऑडिशन में कविता, शायरी, कॉमेडी, अभिनय, गायन सहित विभिन्न विधाओं के प्रतिभागी हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार चयन प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों की प्रस्तुति, प्रतिभा और रचनात्मकता को ध्यान में रखते हुए उनका मूल्यांकन किया जाएगा। डॉ. कुमार मनोज ने बताया कि प्रशस्ति फाउंडेशन पिछले 10 वर्षों से लगातार प्रतिभा खोज और मंच उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। फाउंडेशन के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल से जुड़े 30 लाख से अधिक सदस्यों के डिजिटल परिवार के माध्यम से अनेक कलाकारों को अपनी प्रतिभा लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला है। ‘द ठलुआगीरी’ के जरिए इसी अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रमुख जज एवं ज्यूरी मंडल में मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन अन्नू अवस्थी, सुरेश अलबेला तथा अंतरराष्ट्रीय कवि एवं फिल्म निर्माता डॉ. कुमार मनोज शामिल रहेंगे। इसके अलावा ऑडिशन ज्यूरी में वरिष्ठ पत्रकार शाश्वत तिवारी, अभिनेता शशांक सिंह राजावत और प्रीति रंजन द्विवेदी प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगी। कार्यक्रम के सफल संचालन और प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मुख्य सलाहकार आशीष तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है।
आयोजकों ने युवाओं और कलाकारों से अपील की है कि वे ‘द ठलुआगीरी’ के ऑडिशन में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। उनका कहना है कि मंच का उद्देश्य स्थानीय भाषा, संस्कृति और प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साथ कलाकारों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर उपलब्ध कराना है।



