फतेहपुर। आगामी जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातिवार गणना कराने और जनगणना फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का देशव्यापी आंदोलन जारी है। फतेहपुर में सोमवार को आंदोलन के छठे दिन भी मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर तभी सामने आ सकती है, जब सभी वर्गों की सही जनसंख्या और सामाजिक स्थिति से जुड़े आंकड़े उपलब्ध हों। वक्ताओं के मुताबिक ओबीसी की वास्तविक आबादी के प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने से सरकारी योजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में कठिनाई आती है। सामाजिक न्याय, समान अवसर और जरूरत के मुताबिक नीतियां बनाने के लिए जातिवार जनगणना जरूरी है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने पिछली जनगणना में जातिगत आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जातियों के उपनाम और नामों की स्पेलिंग में अंतर के कारण आंकड़ों में त्रुटियां होने की संभावना रहती है। उनका कहना है कि जनगणना-2027 की प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से जांच योग्य बनाया जाना चाहिए, ताकि आंकड़ों में किसी तरह की गड़बड़ी न रहे। प्रयागराज मंडल प्रभारी जय चंद्र यादव ने मोर्चा की प्रमुख मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 के फॉर्म और डिजिटल पोर्टल में ओबीसी के लिए स्पष्ट एवं अलग कॉलम उपलब्ध कराया जाए। प्रत्येक जाति को एक विशिष्ट यूनिक कोड दिए जाने की भी मांग की गई, जिससे आंकड़ों में एकरूपता बनी रहे। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करते समय गलतियों को कम करने के लिए जातियों की ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तकनीकी जांच की व्यवस्था की जाए। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 25 अगस्त को देशव्यापी स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए थे। इसके बाद 2 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। फतेहपुर में सोमवार को छठे दिन भी कार्यकर्ताओं ने धरना जारी रखते हुए जनगणना-2027 में ओबीसी की जातिवार गणना और अलग विकल्प की मांग दोहराई।



