लखनऊ। महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (SIRD) तथा आयुक्त, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश की प्रेरणा व निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय स्थापना संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जवाहर भवन स्थित आयुक्त, ग्राम्य विकास के 10वें तल स्थित सभागार में आयोजित हुआ, जिसका औपचारिक शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया।
उद्घाटन सत्र में अपर आयुक्त (वी.बी.-जी राम जी) सुश्री नेहा बन्धु, संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) श्री जंग बहादुर यादव, उपायुक्त श्री राकेश रंजन तथा SIRD के उपनिदेशक श्री अनुज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सलाहकार श्री रमेश चन्द्र शुक्ला और सत्र निदेशक डॉ. राज किशोर सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाना था। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया
प्रथम सत्र: सेवानिवृत्त विशेष सचिव श्री डी.पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 एवं अनुशासन व अपील नियमावली-1999 के प्राविधानों पर जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने कोर्ट केसेस, प्रति-शपथ पत्र, कैविएट और अनुपालन शपथ पत्र तैयार करने की विधिक बारीकियों से अवगत कराया।
द्वितीय सत्र: सेवानिवृत्त अपर निदेशक श्री नरेन्द्र भूषण ने वाद से संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव और वित्तीय प्रबंधन के आयामों पर विचार साझा किए।
तृतीय सत्र: सेवानिवृत्त लेखा परीक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव ने अवकाश नियम, यात्रा भत्ता (TA), वेतन तथा पेंशन निर्धारण की प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सत्रों का मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने माना कि यह प्रशिक्षण विभागीय दक्षता, सुगमता और प्रकरणों के त्वरित निस्तारण में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। समापन अवसर पर संस्थान के कई संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी मौजूद रहे। अंत में SIRD के उपनिदेशक श्री अनुज श्रीवास्तव ने सभी का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।



