लखनऊ : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के खिलाफ प्रस्तावित सरकारी कार्रवाई, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई तथा हालिया पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। बोर्ड ने कहा कि सभी विवादों का समाधान संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए।
खदरा स्थित जामियतुल कुर्रा में आयोजित बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद यूसुफ अज़ीज़ी कादरी ने की, जबकि महासचिव डॉ. मोइन खान भी उपस्थित रहे। बैठक में जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के निर्णय को शिक्षा के हितों के प्रतिकूल बताते हुए कहा गया कि यदि किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक आपत्तियाँ हैं तो उनका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किया जाना चाहिए।
बैठक में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई तथा हालिया पेपर लीक के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जबकि पेपर लीक जैसी घटनाएँ युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की।
कारी मोहम्मद यूसुफ अज़ीज़ी कादरी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का संरक्षण आवश्यक है, जबकि डॉ. मोइन खान ने जौहर विश्वविद्यालय के मामले पर पुनर्विचार करते हुए सभी विवादों का समाधान न्यायिक एवं कानूनी प्रक्रिया से करने की मांग की। बैठक में हाजी अबुल हसन दूबगा, कारी गुलाम जबरील, कारी रज़ा-उल-हक़, कारी असद रज़ा मसऊदी, एडवोकेट राशिदा खातून, एडवोकेट मोहम्मद रिज़वान, कारी मोहम्मद सलमान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



