लखनऊ: उर्दू एवं हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार, शोधकर्ता, लेखक एवं शिक्षक डॉ. अबुल कासिम अब्बासी उर्फ ‘समर अमेठवी’ को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान’ एवं ‘हिंदी भाषा सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत के प्रसिद्ध जे.के. रिसर्च एजुकेशनल सेंटर, उज्जैन एवं पी.आई. यूनिवर्सिटी ट्रस्ट, नई दिल्ली की ओर से हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान किया गया।
समारोह में डॉ. अबुल कासिम अब्बासी की साहित्यिक, शोधपरक, शैक्षिक एवं सामाजिक सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान’ मानद रूप में तथा ‘हिंदी भाषा सम्मान-2026’ प्रदान किया गया। आयोजकों के अनुसार डॉ. अब्बासी ने हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार, शोध एवं लेखन, शैक्षिक जागरूकता तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किया है। इन्हीं सेवाओं के सम्मान में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. अबुल कासिम अब्बासी ‘समर अमेठवी’ एक प्रसिद्ध साहित्यकार, शोधकर्ता एवं लेखक के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। उनकी साहित्यिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का दायरा हिंदी भाषा एवं साहित्य के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक विषयों तक विस्तृत है। वे शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं और लखनऊ जनपद के एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
डॉ. अब्बासी को एक ही अवसर पर साहित्य एवं हिंदी भाषा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित किए जाने पर शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शिक्षकों एवं उनके शुभचिंतकों ने बधाई दी और उनकी साहित्यिक एवं शैक्षिक सेवाओं की सराहना की। उनका कहना है कि इस प्रकार के सम्मान भाषा एवं साहित्य से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी में अध्ययन, शोध, लेखन और भाषा के प्रति रुचि एवं जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।



