लखनऊ। अमीनाबाद स्थित मस्जिद अबू जाफर में 17 रबी-उल-अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स.अ.व.) और छठे इमाम हज़रत इमाम जाफ़र-ए-सादिक़ (अ.स.) के यौम-ए-विलादत के मुक़द्दस मौक़े पर महफ़िल-ए-मकासेदा का आयोजन किया गया। इस महफ़िल में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। महफ़िल की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन पाक से हुई, जिसके बाद नामचीन शायरो ने बारगाहे-रिसालत और बारगाहे-इमामत में नज़राना-ए-अक़ीदत पेश किया। महफ़िल को खिताब करते हुए मौलाना बाकिर अली ज़ैदी ने पैगंबर-ए-इस्लाम और इमाम जाफ़र-ए-सादिक़ (अ.स.) की सीरत और उनकी तालीमात (शिक्षाओं) पर रोशनी डाली। उन्होंने समाज में अमन, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को आम करने पर ज़ोर दिया। इसके बाद हाज़िरीन के बीच तबर्रुक का वितरण किया गया। मस्जिद कमेटी के ज़िम्मेदारों ने महफ़िल को कामयाब बनाने के लिए सभी ज़ायरीन और अकीदतमंदों का शुक्रिया अदा किया।



