लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और प्रदेश सरकार पर चुनाव में कथित वोट चोरी और अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा वोट चोरी तथा घोटाले में शामिल हैं, इसलिए वे इस मामले में चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में चोरी कर सकते हैं, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने और किसी के इशारे पर काम नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने वोट चोरी और चुनाव में कथित बेईमानी को लेकर कई बार चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने रामपुर के चुनाव से लेकर उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों तक में बड़े पैमाने पर अनियमितता होने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक कई मतदाताओं को मतदान से रोका गया, मतदाताओं के नाम काटे गए और अधिकारियों की तैनाती में मनमानी की गई, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में वोट चोरी और कथित बेईमानी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी इन घटनाओं को पूरी तरह समझ नहीं पाई थी, जबकि 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी समर्थकों के बड़ी संख्या में वोट काटे जाने का उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इसकी शिकायत की, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश ने दावा किया कि अब जब इस तरह की खबरें प्रमुखता से सामने आने लगी हैं तो लोगों को चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जानकारी हो रही है। उन्होंने नोएडा में भी बड़े पैमाने पर फर्जी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया।अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव में वोट चोरी की खबरों को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय को पश्चिम बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में कथित अनियमितताओं और दोबारा चुनाव की मांग करने वाले कुछ लोग स्वयं चुनाव आयोग में काम कर चुके हैं और अपने अनुभव के आधार पर ये बातें कह रहे हैं।उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में समाजवादी पार्टी ने भाजपा को हराया है और 2027 में भाजपा का सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने के साथ भाजपा के कथित फर्जी 27 हजार वोट घटाने का काम करेगी। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की हार तय है। उन्होंने भाजपा को पूंजीपतियों और धन्नासेठों की पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसान, नौजवान और गरीब विरोधी नीतियों पर काम कर रही है तथा मुनाफाखोरी बढ़ने से महंगाई में भी वृद्धि हुई है।अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कथित भ्रष्टाचार और लूट के कारण प्रदेश के शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई है और राजधानी लखनऊ तक डूब रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री अपने गांव, शहर और नगर को नहीं बचा सकता, वह प्रदेश के विकास के लिए क्या काम कर सकता है।उन्होंने सैफई के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को वहां से सीख लेने की बात कही। अखिलेश ने कहा कि जिस गोरखपुर में मुख्यमंत्री मेट्रो रेल चलाने की घोषणा कर रहे थे, वहां आज नाव चल रही है। उन्होंने इसे सरकार के विकास के दावों पर सवाल बताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने जिन गांवों को गोद लिया था, उन्हें भी अनाथ छोड़ दिया।अखिलेश यादव ने प्रयागराज और वाराणसी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज में एक लाख करोड़ रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी रहती है। वाराणसी में भी बड़े पैमाने पर बजट खर्च होने के बावजूद क्योटो जैसी परियोजना का लक्ष्य पूरा नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ रोकने के लिए बांध बनाए जाते हैं, लेकिन लखनऊ में जलभराव से निपटने के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं की गई कि हर जगह पानी निकालने के लिए पंपों का सहारा लेना पड़े।



