महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। राज्य में करीब 100 दिनों के दौरान 12 हजार से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 5,200 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 603 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए। FDA के इस अभियान के आंकड़ों ने राज्य में खाद्य सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
महाराष्ट्र FDA के आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार, अभियान के दौरान दूध और डेयरी उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे खाद्य कारोबारियों तक की जांच की गई। अधिकारियों ने अलग-अलग श्रेणियों में प्रतिष्ठानों के संचालन, स्वच्छता, खाद्य भंडारण और जरूरी नियमों के पालन की स्थिति को देखा।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जून से अगस्त 2026 के बीच FDA ने कुल 12,083 निरीक्षण किए। इस दौरान 5,269 सुधार नोटिस जारी किए गए और 603 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान करीब 67.20 करोड़ रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किए जाने और विभिन्न मामलों में 875 लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है।
करीब आधे प्रतिष्ठानों में सामने आई कमियां
FDA की कार्रवाई में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात ने खींचा है कि निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में नियमों के पालन से जुड़ी कमियां सामने आईं। 5,269 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए, जबकि 603 लाइसेंस निलंबित हुए। दोनों आंकड़ों को जोड़ने पर संख्या करीब 5,800 तक पहुंचती है, हालांकि नोटिस और लाइसेंस निलंबन की श्रेणियों में अंतर और संभावित ओवरलैप को ध्यान में रखना जरूरी है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने NDTV से बातचीत में कहा कि अभियान के दौरान करीब 12 हजार प्रतिष्ठानों की जांच हुई और 5,200 से अधिक को सुधार नोटिस दिए गए।
मुंढे ने इस पूरे मामले को सिर्फ खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं माना। उनके अनुसार इसे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य के नजरिए से देखने की जरूरत है। उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता और लोगों की रोजमर्रा की खान-पान की आदतें सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी हुई हैं।
किस आधार पर निलंबित किए गए लाइसेंस?
FDA के मुताबिक जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, उनमें खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाया गया। तुकाराम मुंढे ने बताया कि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत लागू Food Safety and Standards (Licensing and Registration of Food Businesses) Regulations, 2011 की Schedule 4 में निर्धारित आवश्यकताओं के उल्लंघन से जुड़ी थी। उन्होंने इन नियमों को अनिवार्य और गैर-परक्राम्य बताया।
Schedule 4 में खाद्य कारोबारियों के लिए स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित कई आवश्यक मानक निर्धारित हैं। इनमें खाद्य पदार्थों के रखरखाव, परिसर की स्वच्छता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और कारोबार के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन शामिल है।
FDA की जांच का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं बल्कि ऐसे प्रतिष्ठानों को नियमों के अनुरूप काम करने के लिए बाध्य करना भी है। सुधार नोटिस इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जहां कमियां पाई जाती हैं, वहां कारोबारियों को उन्हें दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं, जबकि गंभीर या नियमों के अनुरूप न सुधरने वाले मामलों में लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
होटल-रेस्टोरेंट और डेयरी सेक्टर पर भी नजर
FDA की कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और क्लब जैसे खाद्य प्रतिष्ठानों पर केंद्रित रहा। जून से अगस्त के बीच इस श्रेणी में 1,803 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें 948 को सुधार नोटिस दिए गए और 199 लाइसेंस निलंबित किए गए।
दूसरी ओर दूध और डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में 9,485 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 4,321 सुधार नोटिस जारी हुए और 404 लाइसेंस निलंबित किए गए। FDA ने इस दौरान बड़ी संख्या में खाद्य नमूनों की जांच भी की और कई मामलों में खाद्य स्टॉक जब्त किया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि अभियान का दायरा केवल रेस्टोरेंट या होटल तक सीमित नहीं था, बल्कि दूध, डेयरी उत्पादों और दूसरे खाद्य कारोबारियों तक भी कार्रवाई पहुंची।
मुंबई समेत कई शहरों में कार्रवाई
महाराष्ट्र में चल रहे इस अभियान के दौरान मुंबई में भी कई चर्चित खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई है। हाल के मामलों में कोलाबा स्थित 108 साल पुराने Olympia Coffee House का लाइसेंस भी निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य भंडारण क्षेत्र में यूरिनल, कॉकरोच और मक्खियों की समस्या, रेफ्रिजरेटर में मांस के रक्त के अवशेष और फर्श पर खाद्य पदार्थ संभाले जाने जैसी कमियां दर्ज की गईं। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई थी।
इसी तरह मुंबई के Cafe Mondegar समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी FDA ने कार्रवाई की है। अधिकारियों की जांच में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां मिलने के बाद कुछ लाइसेंस निलंबित किए गए।
उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने उपभोक्ताओं से भी खान-पान को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने खास तौर पर पैकेज्ड फूड खरीदते समय केवल ब्रांड, कीमत या एक्सपायरी डेट देखने के बजाय उसके ingredients यानी सामग्री की जानकारी पढ़ने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को लंबे समय तक अधिक मात्रा में वसा, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर सतर्क रहना चाहिए। उनके मुताबिक खान-पान की आदतों का संबंध व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य से है।
FDA के इस अभियान ने खाद्य कारोबारियों के लिए नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। निरीक्षण, सुधार नोटिस, लाइसेंस निलंबन और जब्ती जैसी कार्रवाई के जरिए प्रशासन खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को लागू कराने की कोशिश कर रहा है।
महाराष्ट्र में करीब 12 हजार से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच और हजारों मामलों में कार्रवाई के बाद अब निगाह इस बात पर है कि जिन कारोबारियों को सुधार नोटिस दिए गए हैं, वे निर्धारित मानकों को कितनी जल्दी पूरा करते हैं। वहीं जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित हुए हैं, उनके लिए नियमों के अनुरूप सुधार और नियामकीय प्रक्रिया आगे की कार्रवाई का आधार बनेगी।



