Wednesday, September 30, 2026
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स्मार्ट मीटर से शिक्षा, महिला सुरक्षा और किसानों तक पर भाजपा सरकार को संजय सिंह ने घेरा, बोले– जनता की लड़ाई जारी रहेगी

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर स्मार्ट मीटर, शिक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा, किसानों की स्थिति, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाकर केवल धर्म और नफरत की राजनीति कर रही है, जबकि शिक्षा, रोजगार, बिजली, पानी और महिला सुरक्षा जैसे अहम विषय लगातार उपेक्षित हो रहे हैं।संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनता और आम आदमी पार्टी के व्यापक आंदोलन के दबाव में सरकार को पीछे हटना पड़ा, लेकिन पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डालने का सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के गांवों और शहरों में लोगों के बिजली बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं। किसी का 600 रुपये का बिल 3000 रुपये और किसी का 2000 रुपये का बिल 10000 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में महिलाओं तक ने सड़क पर उतरकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी तक दी, जिसके बाद सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मिल्खा सिंह से तेज भागने वाले” स्मार्ट मीटरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, जिला इकाइयों और पदाधिकारियों को संघर्ष के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ भी आंदोलन जारी रहेगा, जब तक जनता की लूट पूरी तरह बंद नहीं हो जाती।शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि नीति आयोग और भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 9508 विद्यालय ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक पूरे स्कूल की जिम्मेदारी संभाल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि क्या एक शिक्षक मिड डे मील, पढ़ाई और पूरे विद्यालय का संचालन एक साथ कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें 90 प्रतिशत से अधिक स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे साफ है कि गांवों की शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 30000 स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली तक उपलब्ध नहीं है। भीषण गर्मी में बच्चे बिना बिजली के पढ़ने को मजबूर हैं। इसके अलावा 98592 विद्यालय ऐसे हैं जहां छात्राओं के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार बेटियों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।संजय सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की सुनियोजित साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ सहित कई जिलों में स्मार्ट क्लास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन कंप्यूटर ताले में बंद पड़े हैं और स्कूलों में कोई उपयोग नहीं हो रहा। भाजपा सरकार को शिक्षा की चिंता नहीं है, उसे केवल सांप्रदायिक मुद्दों पर राजनीति करनी है।महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के 66 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए, जो पूरे देश में सबसे अधिक हैं। उन्होंने दावा किया कि हर वर्ष महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और भाजपा सरकार अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला अपराध के शीर्ष राज्यों में अधिकांश भाजपा शासित प्रदेश शामिल हैं, जो महिला सुरक्षा के दावों की सच्चाई उजागर करता है।किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार के शासन में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 में देशभर में दस हजार से अधिक किसानों ने आत्महत्या की, जो कृषि क्षेत्र की बदहाल स्थिति को दर्शाता है।पंजाब में आम आदमी पार्टी नेताओं पर ईडी की कार्रवाई को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होते हैं, वहां ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नेताओं को भ्रष्टाचारी बताकर निशाना बनाया जाता है और बाद में भाजपा में शामिल होने पर उन्हें “वाशिंग मशीन” में धुला हुआ घोषित कर दिया जाता है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा-आरएसएस नेतृत्व को चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो वह सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जाएगा, उसे पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कई नेताओं का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विरोधियों को दबाव में लेकर अपनी पार्टी में शामिल कराने का काम कर रही है।इस दौरान संजय सिंह ने “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा 16 मई से 20 मई तक मेरठ से गाजियाबाद तक निकाली जाएगी। उन्होंने प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों से इसमें शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी गंभीर संकट बन चुकी है और छोटे रोजगार भी समाप्त होते जा रहे हैं।जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पानी की टंकियां “भ्रष्टाचार की टंकियां” बन गई हैं। उन्होंने कासगंज, सीतापुर, मथुरा, लखीमपुर खीरी, बरेली, एटा, महोबा और जालौन समेत कई जिलों का हवाला देते हुए दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकियां निर्माण के कुछ समय बाद ही गिर गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे भ्रष्टाचार की पोल खुलती है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता के बुनियादी मुद्दे पीछे छूट गए हैं और सरकार जवाबदेही से बच रही है। आम आदमी पार्टी जनता को जागरूक करने और शिक्षा, रोजगार, बिजली, पानी और लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।

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