Monday, May 11, 2026
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प्रतिभा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत, बेटियों को भी दें समान अवसर : ए.के. शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि विद्यार्थी दृढ़ संकल्प के साथ अध्ययन करें और अभिभावक उनका पूरा सहयोग करें, तो वे जीवन में किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा के अवसर देने की अपील करते हुए कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज एवं देश का नाम रोशन कर रही हैं।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा रविवार को वर्चुअल माध्यम से जनपद मऊ के मधुबन स्थित सुभागी देवी इंटर कॉलेज, दुबारी मोड़ में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह–2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, अभिभावकों, जनपद के नागरिकों तथा छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में प्रतीक्षा पांडेय ने 97.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि गरिमा मौर्य ने 96.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं पूजा साहनी ने 95.66 प्रतिशत अंक अर्जित कर जनपद में छठवां स्थान हासिल कर विद्यालय और जिले का गौरव बढ़ाया।इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 में अंशिका यादव ने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि दीपिका पटेल ने आठवां और महिमा विश्वकर्मा ने दसवां स्थान हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। मंत्री ए.के. शर्मा ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय शिक्षा, विज्ञान और तकनीक का युग है। यदि बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे तो वे डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, पायलट और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकेंगे। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा शिक्षित और सक्षम बनेगा।

ए.के. शर्मा ने कहा कि तकनीक, ऊर्जा, एविएशन, स्पेस और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण साधन है। इसलिए प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी देश और समाज के विकास में प्रभावी योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल जाए तो गांव-कस्बों के बच्चे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

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