लखनऊ। आगामी मोहर्रम के पवित्र और बेहद संवेदनशील अवसर पर राजधानी में शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द का परचम बुलंद रखने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। ग्राउंड जीरो पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से पुराने लखनऊ के ऐतिहासिक अकबरी गेट स्थित गोल्डेन पैलेस में एक हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक की कमान संयुक्त पुलिस आयुक्त जॉइंट कमिश्नर बबलू कुमार, डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित और एडीसीपी पश्चिम ने संयुक्त रूप से संभाली। कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए एसीपी चौक, एसीपी बाजार खाला, एसीपी कैसरबाग समेत पश्चिमी जोन के सभी तेजतर्रार थाना प्रभारियों ने इस महामंथन में हिस्सा लिया और सुरक्षा का पूरा खाका तैयार किया।
बैठक में अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया कि मोहर्रम के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारंपरिक जुलूस मार्गों से लेकर मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों तक, हर जगह चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पल-पल की निगरानी की जाएगी, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने का दुस्साहस न कर सके।
पुलिस प्रशासन ने कानून के डंडे के साथ-साथ जन-संवाद को भी अपनी रणनीति का मुख्य हिस्सा बनाया है। इसके तहत स्थानीय धर्मगुरुओं, अजादारों और संभ्रांत नागरिकों के साथ लगातार शांति समिति की बैठकें की जा रही हैं, ताकि आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम रखी जा सके। लखनऊ पुलिस की यह चौतरफा मुस्तैदी साफ बयां करती है कि शहर में अमन-चैन बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध और अलर्ट मोड पर है।



