लखनऊ। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) के बेटे हजरत इमाम जैनुल आब्दीन (अ.स.) की शहादत के गम में शनिवार को शहर के इमामबाड़ों कर्बलाओं, रौजों और घरों में मजलिस-ओ-मातम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही इमाम के ताबूत की जियारत भी करायी गयी। घरों में महिलाओं ने और पुरूषों ने इमामबाड़ों में मजलिस-मातम करके इमाम हुसैन (अ.स.) को उनके बीमार बेटे का पुरसा दिया। इस मौके पर इमाम की नज़र भी दी गयी।
इमामबाड़ा अमीर महल साहिबा रस्सी बटान मौलवीगंज में ‘बीमार-ए-कर्बला का मातम” शीर्षक से मजलिस को मौलाना सदफ जौनपुरी ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम जैनुल अब्दीन (अ.स) की शहादत के मौके पर अजादार इमाम के दुखों और उनकी कैद के दर्द को महसूस करते हुए ‘जंजीर का मातम’ करते हैं। मौलाना ने कहा कि दुनिया के पहले अजादार इमाम जैनुल आब्दीन (अ.स.) हैं। मजलिस के बाद अंजुमन जरगामिया ने जंजीर का मातम किया। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन कदीम आले इबा ने किया था। इमामबाड़ा मुग़ल साहिबा वजीरबाग में आयोजित मजलिस को मौलाना आसिफ अली गदीरी ने ख़िताब किया। मजलिस के बाद बीमारे कर्बला के ताबूत की जियारत कराई गई। उन्होंने कहा कि जंजीरे भी इमाम के सज्दों को न रोक सकी।
शिया इंटर कालेज डालीगंज में बज्मे दीनियात की ओर से ‘यादे बीमारे कर्बला’ मनाया गया। मजलिस को मौलाना गुलाम हुसैन जैदी ‘सदफ जौनपुरी’ ने वाकियाते कर्बला बयान करते हुए हजरत इमाम जैनुल आब्दीन (अ.स) की शहादत पढ़ी। मजलिस के बाद शबीहे ताबूत, अलम व जुलजनाह की जियारत करायी गयी और मातमी दस्ते के साथ कर्बला नसीरूद्दीन हैदर जाकर समाप्त हुआ। इमामबाड़ा उम्मुल बनीन मंसूर नगर में ‘यौमे बीमार ए कर्बला’ मनाया गया। यहां मजलिस को मौलाना रजा अब्बास ने ख़िताब किया। मजलिस के बाद अजादारों को इमाम के ताबूत की जियारत कराई गई।
इमामबाड़ा हकीम मोहम्मद तकी फरंगीमहल में मजलिस को अब्बास मुत्तक़ी जैदी ने ख़िताब करते हुए कर्बला के शहीदों की दर्दनाक शहादतों को बयान किया। इमामबाड़ा मास्टर महमूद आगा सिप्पी की बगिया में मजलिस को मौलाना मीसम जैदी ने खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत के बाद उनके घर वालों पर जुल्म कम नहीं हुए थे, उन्हें कैदी बनाकर कूफे और शाम के बाजारों मेें घुमाया गया था। मजलिस के बाद अंजुमन गुंचाए मजलूमिया व काजमिया आबिदया सहित कई अंजुमनों ने नौहाख्वानी की। इमामबाड़ा हैदर रजा रूस्तमनगर में मौलाना मुर्तजा नासिर सईद अबाकाती ने मजलिस को खिताब किया। इसके बाद इमाम के ताबूत की जियारत करायी गयी। इमामबाड़ा नसरुद्दीन हैदर शाही खैरात खाना में हुई मौलाना मुर्तजा हुसैन रिज़वी ने मजलिस को ख़िताब किया। मजलिस के बाद अंजुमनों ने नौहाख्वानी की इसके साथ ही ताबूत की जियारत कराई और अजादारों ने जंजीर का मातम भी किया। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन तस्वीरुल अजा ने किया था।इमामबाड़ा सैय्यद हसन रिज़वी हाता बुरहान साहब में मौलाना बाकर अली जैदी ने मजलिस को ख़िताब किया। मजलिस के बाद इमाम सज्जाद (अ.स) के ताबूत की जियारत कराई गई।
कर्बला मुजफ्फर अली में यौमे सज्जाद मनाया
लखनऊ। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) के बीमार बेटे व चौथे इमाम जैनुल आब्दीन (अ.स.) की शहादत की याद में कर्बला मुजफ्फर अली क़स्बा अमेठी गोसाईगंज में यौमे सज्जाद मनाया गया। मजलिस का आगाज मोहम्मद रजा ने तिलावते कुराने पाक से किया। मजलिस को मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने ख़िताब किया। मजलिस के बाद इमाम के ताबूत की जियारत करायी गई । इस मौके पर कई अंजुमनों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की।
मशकगंज में हुआ आग पर मातम
हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) के बेटे व चौथे जैनुल आब्दीन (अ.स.) की शहादत के मौके पर इमामबाड़ा डिप्टी इकराम हुसैन मशकगंज में मजलिस और आग पर मातम का आयोजन हुआ। मजलिस को मौलाना सकलैन आब्दी ने खिताब किया। मजलिस के बाद अजादार दहकती आग पर हाथों में अलम लिए या हुसैन… या हुसैन… कहते हुए गुजर गये। इसके बाद अजादारों जंजीरों का मातम किया व ताबूत की जियारत भी करायी गयी। कार्यक्रम का यह 45वां दौर था।
सज्जादबाग में ताबूत की जियारत
अंजमुन सज्जादिया सज्जादबाग की ओर से सज्जादिया कालोनी में यौम-ए-सज्जाद का मनाया गया । इस मौके पर मौलाना सैय्यद मोहम्मद हुसैन हुसैनी ने मजलिस को खिताब किया। इसके बाद कर्बला (इराक) से लाये गये शबीहे बिस्तरे बीमारे कर्बला, परचम, ताबूत व जुलजनाह की जियारत करायी गयी। इस मौके पर प्रदेश से आयी अंजुमन हैदरया मानियारपुर,अंजुमन मुहफ़िजे अजा इलाहाबाद,अंजुमन रौनके अजा सिरसी और अंजुमन जवादिया बनारस ने नौहाख्वानी की। कार्यक्रम का संचालन मौलाना ज़ीशान आजमी ने किया और अलविदाई मजलिस को भी ख़िताब किया
खमसा-ए-मजलिसें आज से
मस्जिद पड़ाईन अमीनाबाद में कल से ‘ख़त्म ए नबूवत” शीर्षक से पांच दिवासीय मजलिसों का आगाज होगा। मजलिसो को मौलाना मीसम जैदी रात 9 बजे खिताब करेंगे। मजलिस का आगाज कारी नदीम नजफी तिलावते कुराने-पाक से करेंगे। अंतिम मजलिस के बाद कमा व जंजीर के मातम के साथ ताबूत व जुलजनाह की जियारत भी करायी जायेगी। मजलिसों का आयोजन अंजुमन गिरोहे हुसैन कच्चा अहाता ने किया है।
अंजुमन नासिर-उल- इस्लाम की शब्बेदारी आज व कल
लखनऊ। अंजुमन नासिर-उल- इस्लाम की ओर से ग़ल्ला बाजार हुसैनाबाद से 26 एवं 27 मोहर्रम (12 एवं 13 जुलाई) को रात 9:30 बजे मजलिस-ए- अज़ा व शब्बेदारी का आयोजन किया जाएगा । पहली मजलिस 12 जुलाई को रात 9:30 बजे अयोजित होगी जिसको मौलाना सैय्यद कल्बे अहमद ख़िताब करेंगे। दूसरी मजलिस 13 जुलाई को रात 9:30 बजे अयोजित होगी जिसको मर्सियाख्वान फैज बाकर ख़िताब करेंगे। मजलिस के बाद अंजुमन हाए मातमी नौहाख्वानी व सीनाज़नी करेगी।



