Wednesday, August 26, 2026
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सफ़ीना-ए-हुसैन टीम ने धूमधाम से मनाया ‘जश्न-ए-ईद-ए-ज़हरा’

लखनऊ: सफ़ीना-ए-हुसैन टीम की जानिब से 10 रबी-उल-अव्वल को अज़ाख़ाना-ए-शहंशाह मिर्ज़ा मरहूम में निहायत एहतराम और धूमधाम के साथ ‘जश्न-ए-ईद-ए-ज़हरा’ का इनअक़ाद किया गया महफ़िल का आग़ाज़ कारी सकलैन ज़फ़र ने तिलावते-क़ुरआन-ए-पाक से किया। इसके बाद जनाब असकरी अली ने बारगाहे-रिसालत में नात-ए-रसूल (स.अ.व.) का नज़राना पेश किया।

महफ़िल को ख़िताब करते हुए मौलाना सय्यद सफ़दर बिलाल साहब क़िब्ला ने अहलेबैत (अ.स.) के फ़ज़ाइल पर रोशनी डाली। मौलाना ने जनाब-ए-मुख़्तार (र.अ.) की ख़िदमात का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्होंने किस तरह क़ातिलान-ए-कर्बला से बदला लेकर अहलेबैत (अ.स.) के दिल को ख़ुशी पहुंचाई। अपने ख़िताब के आख़िर में मौलाना ने इमाम-ए-ज़माना हज़रत इमाम मेहदी (अ.त.फ़.श.) की ग़ैबत और उनकी ज़िम्मेदारी पर तफ़सीली बयान दिया।

तक़रीर के बाद मुक़ामी और बहरूनी (बाहर से आए) शुकरा व शोअरा ने बारगाहे-अहलेबैत में मंज़ूम नज़राना-ए-अक़ीदत (क़सीदे व अशआर) पेश किए। महफ़िल की निज़ामत के फ़राइज़ जनाब मेहदी महमूदाबादी साहब ने अंजाम दिए।

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